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दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

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गोमची शिक्षा–सहयोग मिशन: विश्वविद्यालय की पहल से ग्रामीण शिक्षा को मिल रहा नया आयाम

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) की क्षेत्रीय अध्ययन एवं अनुसंधान शाला द्वारा गोद ग्राम गोमची में संचालित “गोमची शिक्षा–सहयोग मिशन” ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी और अभिनव पहल के रूप में उभर रहा है। यह मिशन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला की प्रेरणा तथा विभागाध्यक्ष प्रो. एल. एस. गजपाल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है, जिसमें ग्राम गोमची के सरपंच ईश्वर यादव का निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है।

मिशन के तहत क्षेत्रीय अध्ययन एवं अनुसंधान शाला के विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक स्वयंसेवक के रूप में गोमची स्कूल में नियमित रूप से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। स्वयंसेवकों द्वारा गणित, अंग्रेजी सहित अन्य विषयों में गतिविधि-आधारित शिक्षण, समूह कार्य, प्रश्नोत्तर और रचनात्मक अभ्यास कराए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की समझ, आत्मविश्वास और सीखने की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।

इसके अंतर्गत प्रत्येक शनिवार को “नो बैग्स डे” का आयोजन किया जाता है, जिसमें खेल, कला, रचनात्मक और जीवन कौशल से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विद्यालय प्रशासन और स्थानीय समुदाय ने इस विश्वविद्यालय–स्वयंसेवी पहल की मुक्तकंठ से सराहना की है। यह मिशन विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन रहा है।