गोदरेज एग्रोवेट ने धान किसानों के लिए लॉन्च किया ‘टकाई’; पैदावार बढ़ाने में मिलेगी मदद
मुंबई। भारत की प्रमुख कृषि कंपनी गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड ने धान की फसल को कीटों से बचाने के लिए एक अत्याधुनिक कीटनाशक ‘टकाई’ (Takai) बाजार में उतारा है। यह उत्पाद विशेष रूप से धान के सबसे घातक दुश्मनों— स्टेम बोरर (तना छेदक) और लीफ फोल्डर पर लगाम लगाने के लिए बनाया गया है।

जापानी तकनीक से लैस
टकाई को जापान की ISK कंपनी द्वारा विकसित साइक्लेप्रिन™️ (Cyclapryn™️) तकनीक से तैयार किया गया है। यह तकनीक कीटों को तुरंत फसल को नुकसान पहुँचाने से रोकती है और लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती है।
धान की खेती के लिए क्यों है खास?
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- उत्पादन में सुधार: भारत में तना छेदक और लीफ फोल्डर के कारण उपज में 20% से 40% तक की भारी कमी आती है। टकाई इस नुकसान को रोकने में सक्षम है।
- सटीक उपयोग: कंपनी ने इसे रोपाई के 15-30 दिन बाद (160 मिली) और फिर 40-60 दिन के बीच दोबारा इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
- व्यापक विस्तार: वर्तमान में धान के लिए लॉन्च होने के बाद, जल्द ही इसे मक्का, मिर्च, सोयाबीन, गन्ना और पत्तागोभी जैसी फसलों के लिए भी पेश किया जाएगा।
”हमारा लक्ष्य किसानों को ऐसे समाधान देना है जो न केवल कीटों पर तेज़ी से वार करें, बल्कि लंबे समय तक फसल को स्वस्थ रखें। टकाई इसी रणनीति का हिस्सा है।”
— सुनील कटारिया, एमडी एवं सीईओ, गोदरेज एग्रोवेट






