Special Story

51 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा पथरिया बायपास : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

51 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा पथरिया बायपास : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 27, 20253 min read

भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री…

देश के दिल मध्यप्रदेश में पर्यटन के स्वर्ण युग का हुआ आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

देश के दिल मध्यप्रदेश में पर्यटन के स्वर्ण युग का हुआ आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 27, 20253 min read

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिंदुस्तान…

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दंगवाड़ा में की बोरेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दंगवाड़ा में की बोरेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना

ShivFeb 27, 20251 min read

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक चंबल नदी तट पर…

राइस मिल में बड़ा हादसा, लोहे की पाइप गिरने से मजदूर की मौत

राइस मिल में बड़ा हादसा, लोहे की पाइप गिरने से मजदूर की मौत

ShivFeb 27, 20252 min read

धमतरी। जिले के नवागांव खुर्द स्थित साईं एग्रोटेक राइस मिल में…

February 27, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

नगरनार स्टील प्लांट का 3 दिन से गेट बंद, परिवहन संघ-समिति मांग पूरा होने तक आंदोलन पर डटे, एनएमडीसी को रोज हो रहा करोड़ों का नुकसान…

जगदलपुर। एनएमडीसी के नगरनार स्थित स्टील प्लांट में परिवहन को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप ले लिया है. जय झाड़ेश्वर समिति और बस्तर परिवहन संघ ने अपनी मांगों को लेकर प्लांट का गेट को बंद कर दिया है, जिसके कारण तीसरे दिन भी एचआर क्वाइल का परिवहन ठप है. इस आंदोलन की वजह से एनएमडीसी प्रबंधन को रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है. 

गेट बंद कर आंदोलन कर रहे जय झाड़ेश्वर समिति और बस्तर परिवहन संघ की मांग है कि परिवहन का काम उनके द्वारा तय किए गए दर पर ही हो. वहीं दूसरी ओर एनएमडीसी प्रबंधन का कहना है कि समिति के पास एचआर क्वाइल के परिवहन के लिए पर्याप्त ट्रेलर नहीं हैं. वहीं बस्तर परिवहन संघ के अध्यक्ष अमर सिंह का दावा है कि उनके पास 250-300 ट्रेलर हैं, और यदि उन्हें मौका दिया जाए तो वे अपने काम को सिद्ध कर देंगे.

परिवहन संघ के दावे के बीच एनएमडीसी प्रबंधन को रोज करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. लेकिन प्रबंधन की चिंता इस बात को लेकर ज्यादा है कि अगर आंदोलन लंबे समय तक चलता है, तो प्लांट के ग्राहक अन्य प्लांट की ओर रुख कर सकते हैं. इसके अलावा प्लांट के साथ-साथ बस्तर की छवि भी खराब होगी. एनएमडीसी के संचार प्रमुख रफीक अहमद ने बताया कि इस संबंध में दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों और बस्तर प्रशासन के साथ चर्चा की गई है.