आदिवासी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म: आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित, आक्रोशित समाज का विरोध प्रदर्शन जारी
कवर्धा। जिले में बुधवार की दरमियानी रात घटी आदिवासी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। तीन अज्ञात दरिंदों ने वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कवर्धा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र छवई ने घोषणा की है कि आरोपियों की सूचना देने और उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 10 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
एसपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच के लिए पांच अलग-अलग पुलिस टीम गठित की गई हैं। अब तक 200 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है और 5 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। साथ ही 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई है। पुलिस का दावा है कि ठोस सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है और जल्द ही आरोपियों को कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।
समाज का आक्रोश, प्रदर्शन और पुतला दहन
दुष्कर्म की इस घटना ने आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश फैला दिया है। शुक्रवार को आदिवासी समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। शहर के सिग्नल चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा देने की मांग उठाई।
इधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी घटना के विरोध में पुतला दहन कर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और उन्हें कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस का दावा और चुनौतियां
डीएसपी आशीष शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में बताया कि जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। हालांकि, यह भी स्वीकार किया गया कि मामले में चुनौतियां बड़ी हैं क्योंकि आरोपी वारदात के बाद से लगातार स्थान बदल रहे हैं।इस पूरे घटनाक्रम ने कवर्धा जिले के प्रशासन और पुलिस तंत्र पर भारी दबाव बना दिया है। समाज और राजनीतिक संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में देखना होगा कि पुलिस अपने दावे के अनुरूप आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है।






