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बीज निगम की खरीदी पर सवाल, विधानसभा में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया

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Shiv Mar 13, 2026 3 min read

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मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर विधानसभा में हंगामा, मंत्री ने दी प्रस्तावों की जानकारी

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Shiv Mar 13, 2026 1 min read

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मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

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Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा…

‘प्रदेश को बचाने के लिए सतर्क रहें’— अफीम की खेती पर भूपेश बघेल की चेतावनी

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March 13, 2026

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दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 10वें दिन सदन में पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम गौवंश, कृत्रिम गर्भधारण, चिराग योजना के मुद्दे पर घिर गए. सत्ता पक्ष के विधायक अजय चंद्राकर ने मुद्दा उठाया, जिस पर विपक्ष के नेता डॉ. महंत और भूपेश बघेल ने साथ दिया. सवालों से घिरे मंत्री ने सदन में परीक्षण कराने की घोषणा की.

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि क्या दुग्ध उत्पादन में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर है? कितने गौवंशीय पशु हैं? प्रदेश में दूध की प्रति व्यक्ति खपत कितनी है? कितने गर्भाधान केंद्र हैं?

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब में कहा कि राज्य में 20वीं पशु संगणना 2019 के अनुसार, कुल 99.84 लाख गौवंशीय पशु हैं. दुग्ध उत्पादन में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर नहीं है. भारतीय मानक, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद्, अनुसार दुग्ध उपलब्धता प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 300 ग्राम निर्धारित है. जबकि छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2024-25 की भारत सरकार द्वारा प्रकाशित आंकड़े अनुसार, प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता 194 ग्राम प्रतिदिन है.

मंत्री ने बताया कि राज्य में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम संचालित है. राज्य में 1585 संस्थाओं के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्य किये जा रहे हैं. राज्य में 800 प्रशिक्षित प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता कार्यरत हैं. वर्तमान में गौवंशीय पशुओं की संख्या के आधार पर 412 केन्द्रों की आवश्यकता है. वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक 16.93 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए गए. उक्त कार्य के लिए 1071.55 लाख रुपए की लागत आई.

प्रदेश में चिराग परियोजना 12 फरवरी 2021 से लागू की गई तथा परियोजना की स्वीकृत निर्धारित अवधि 12-02-2021 से 31-07-2026 तक कुल 5 वर्ष 5 माह 19 दिन थी. भारत सरकार ने चिराग परियोजना अंतर्गत गतिविधियों का क्रियान्वयन 26 मार्च 2025 से बंद कर दिया है. अपेक्षा के हिसाब से प्रगति नहीं होने पर चिराग परियोजना बंद की गई. केंद्र सरकार से 183 करोड़ की राशि आर्थिक सुधार प्रतिक्रिया मद की राशि खर्च इसलिए नहीं हुई. कोविड के कारण योजना के तहत काम नहीं हुआ, इसलिए राशि सरेंडर की गई.

विधायक अजय चंद्राकर ने योजनाओं में गड़बड़ी और अधिकारियों द्वारा सही काम नहीं किए जाने का आरोप लगाया. मंत्री से की कार्यवाही की मांग. जवाब में मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जो भी त्रुटियां हुई है. जो भी दोषी है, उन पर जांच कराकर कार्रवाई करेंगे.

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रदेश में गौवंश पशुओं की तस्करी और उनको काटे जाने पर चिंता व्यक्त की. इसके साथ सवाल किया कि गांव में रहने वाले छोटे बछिया पशु को दूध उत्पादन के लिए सरकार के पास क्या योजना है? कृत्रिम गर्भाधान के लिए टीकाकरण होता है, वह भी फेल है. टीकाकरण कितने परसेंट सफल है?

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि चिराग परियोजना वर्ल्ड बैंक से 10 करोड़ की राशि आई. कोविड के कारण वह राशि सरेंडर किस तारीख को की गई? मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि विश्व बैंक की राशि का उपयोग कोविड के कारण योजना के तहत उपयोग महज 1 प्रतिशत ही हो पाया. वर्ल्ड बैंक के इच्छा के अनुरूप नहीं होने की वजह से 18 अप्रैल 2018 को योजना के तहत पत्र लिखकर राशि सरेंडर करने को कहा गया.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भैंस भी तो दूध देती है. उसके दूध उत्पादन क्यों नहीं बढ़ा रहे हैं? मंत्री ने कहा कि गौवंश हो या भैंसवंशी हो हम सबका दूध उत्पादन बढ़ाना चाहते है. लेकिन चारागाह की जगह नहीं बची है. हम उसकी व्यवस्था में लगे हैं.