Special Story

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री…

सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : उपमुख्यमंत्री अरूण साव

सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : उपमुख्यमंत्री अरूण साव

Shiv Mar 10, 2026 6 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

रायपुर में कोचिंग सेंटर चलाने वाला ठगी संचालक गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यूपीएससी (UPSC) और पीएससी (PSC) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के नाम पर छात्रों से 18 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले ‘कौटिल्य एकेडमी’ के डायरेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पवन टांडेश्वर, जो घटना को अंजाम देने के बाद से कोचिंग संस्थान बंद कर फरार हो गया था, अब पुलिस की गिरफ्त में है. उसकी पत्नी रूबी मजूमदार भी इस मामले में सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है.

क्या था पूरा मामला ?

सरस्वती नगर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई डेढ़ दर्जन से अधिक पीड़ित छात्रों की शिकायत पर की है. छात्रों ने पुलिस को बताया था कि एकेडमी के डायरेक्टर पवन टांडेश्वर और उनकी पत्नी रूबी मजूमदार ने उन्हें यूपीएससी और पीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग में एडमिशन का झांसा दिया. लगभग 19 अभ्यर्थियों से कुल ₹18,03,105 की फीस ली गई.

फीस लेने के कुछ समय बाद ही, डायरेक्टर ने कोचिंग संस्था को ‘शिफ्टिंग’ का बहाना बनाकर क्लास बंद कर दी. छात्रों ने इंतज़ार किया, लेकिन जब कोचिंग शुरू नहीं हुई, तो उन्होंने डायरेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की. पहले तो पति-पत्नी ने छात्रों को बातों में उलझाए रखा, लेकिन बाद में उनके नंबरों को ब्लैकलिस्ट कर दिया और शहर से फरार हो गए.

फैकल्टी को भी नहीं दी सैलरी

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डायरेक्टर ने एकेडमी में पढ़ाने वाले फैकल्टी सदस्यों के साथ भी धोखाधड़ी की. फैकल्टी को सैलरी चेक के माध्यम से दी गई थी, लेकिन जब चेक बैंक में लगाए गए तो ‘हस्ताक्षर न मिलने’ के कारण वे बाउंस हो गए. इस संबंध में फैकल्टी ने भी डायरेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

छात्रों ने 25 नवंबर 2024 को सरस्वती नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस आरोपी पति-पत्नी की तलाश कर रही थी. लगभग एक साल की तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी डायरेक्टर पवन टांडेश्वर को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया है. फरार चल रही उसकी पत्नी की तलाश जारी है. पुलिस ने (धारा 318(4), 3(5) BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है.