Special Story

बीज निगम की खरीदी पर सवाल, विधानसभा में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया

बीज निगम की खरीदी पर सवाल, विधानसभा में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया

Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही के दौरान रायगढ़ जिले में अलसी बीज वितरण में कथित भ्रष्टाचार…

मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर विधानसभा में हंगामा, मंत्री ने दी प्रस्तावों की जानकारी

मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर विधानसभा में हंगामा, मंत्री ने दी प्रस्तावों की जानकारी

Shiv Mar 13, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को कांग्रेस विधायक…

दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 10वें दिन सदन में पशुपालन…

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा…

March 13, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

पूर्व IAS आलोक शुक्ला तीसरी बार कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले के आरोपी और रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला ने मंगलवार को रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में तीसरी बार सरेंडर किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। अदालत में सरेंडर प्रक्रिया के दौरान ED के अधिकारी मौजूद रहे और सुरक्षा के लिए CRPF जवानों की तैनाती की गई थी।

जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने आलोक शुक्ला का सरेंडर आवेदन स्वीकार कर लिया है। इसके बाद ED ने अदालत से 14 दिन की कस्टोडियल रिमांड की माँग की है ताकि शुक्ला से गहन पूछताछ की जा सके। माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश मिलते ही ED उन्हें हिरासत में लेकर रिमांड पर पूछताछ करेगी।

गौरतलब है कि आलोक शुक्ला ने बीते तीन दिनों में यह तीसरी बार सरेंडर करने का प्रयास किया है। 18 सितंबर को वे कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन अदालत ने सरेंडर कराने से इनकार कर दिया था क्योंकि उस समय सुप्रीम कोर्ट का आदेश अपलोड नहीं हुआ था। इसके बाद 19 सितंबर को भी वे अदालत पहुँचे थे, लेकिन इस बार ED के वकील केस डायरी लेकर नहीं पहुंचे थे, जिसके चलते सरेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और समय माँगा गया। अंततः 21 सितंबर को अदालत में सभी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद सरेंडर स्वीकार कर लिया गया।

नान घोटाला छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा खाद्यान्न वितरण घोटाला माना जाता है। इसमें आरोप है कि नागरिक आपूर्ति निगम (नान) में खाद्यान्न वितरण के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। इस घोटाले में कई अधिकारी और कारोबारी आरोपी हैं। ED और EOW इस घोटाले की जांच कर रहे हैं।

आलोक शुक्ला पर आरोप है कि वे उस समय अहम पद पर रहते हुए कथित रूप से भ्रष्टाचार में शामिल थे और अनियमितताओं को बढ़ावा दिया। हालांकि शुक्ला ने हमेशा इन आरोपों से इंकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है।

ED का कहना है कि कस्टोडियल रिमांड मिलने के बाद शुक्ला से घोटाले के पैसों के लेन-देन, अन्य आरोपी अधिकारियों के साथ उनके संबंध और कथित साजिश की परतें खोलने के लिए पूछताछ की जाएगी। अदालत से रिमांड पर सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शुक्ला को ED की हिरासत में लेकर कितने दिन तक पूछताछ की जाएगी।

इस सरेंडर को नान घोटाले की जांच में बड़ी प्रगति माना जा रहा है। फिलहाल राज्यभर की निगाहें रायपुर की ED कोर्ट पर टिकी हैं, जहाँ रिमांड पर सुनवाई जल्द ही पूरी की जाएगी।