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कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता विकास तिवारी 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित, झीरम जांच आयोग को लेकर बयानबाजी पड़ गया भारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रवक्ता विकास तिवारी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। आपको बता दे विकास तिवारी ने झीरम घाटी हमले से जुड़े बयान और न्यायिक जांच आयोग को लेकर टिप्पणी की थी। तिवारी के इस बयान के बाद पार्टी ने उन्हे नोटिस जारी किया था, जिसमें संतोषजनक जवाब नही मिलने पर पार्टी ने उन्हे 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्या से निष्किासित कर दिया है।

गौरतलब है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा ने जांजगीर जिले में झीरम घाटी हमले में कांग्रेस नेताओं की संलिप्तता के बयान के बाद राजनीति गरमा गयी थी। इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी के झीरम घाटी हमले पर विवादित बयान देते हुए अपने ही पार्टी के सीनियर नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की बात कहकर कटघरे में खड़ा कर दिया था। नार्को टेस्ट की मांग वाला पत्र सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर विकास तिवारी को प्रवक्ता पद से हटा दिया गया था।

इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि विकास तिवारी के दिए गए दस्तावेज और स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद मामला आलाकमान के सामने रखा गया। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर अब छह साल के निष्कासन की कार्रवाई की गई है। पार्टी के भीतर इस फैसले को अनुशासन बनाए रखने के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी के इस एक्शन के बाद अब तक विकास तिवारी की तरफ से कोई बयान सामने नही आया है। अब सबकी नजर इस कार्रवाई के बाद विकास तिवारी के अगले कदम पर टिकी है।