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इंश्योरेंस प्रीमियम व मैच्योरिटी का फर्जी कॉल सेंटर, 20 लाख की ठगी मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार

जगदलपुर। इंश्योरेंस प्रीमियम और मैच्योरिटी के नाम पर की गई करीब 20 लाख रुपये की साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। नगरनार थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी इलाके में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

नगरनार से शुरू हुई जांच, दिल्ली तक पहुंचे तार

दरअसल नगरनार थाना क्षेत्र के निवासी कमलोचन कश्यप ने अप्रैल महीने में थाना नगरनार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनसे इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम जमा कराने और बेहतर रिटर्न का झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में करीब 20 लाख रुपये वसूले गए। शुरुआत में उन्हें भरोसा दिलाया गया कि समय पूरा होने पर उन्हें मोटी मैच्योरिटी राशि मिलेगी।लेकिन जब पॉलिसी की मैच्योरिटी का समय आया और बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।

साइबर सेल और नगरनार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरनार थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर की गई जांच में ठगों की लोकेशन दिल्ली और उसके आसपास पाई गई।पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने दिल्ली रवाना होकर जनकपुरी इलाके में छापेमार कार्रवाई की। यहां एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिए इंश्योरेंस के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही थी।

फर्जी कॉल सेंटर से 5 गिरफ्तार

छापे के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें गिरोह का मुख्य सरगना ओमप्रकाश प्रभु बताया जा रहा है। इसके अलावा कॉल सेंटर में काम कर रही चार युवतियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से बात करती थीं।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वायरलेस फोन, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है।जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के तीन से चार जिलों में भी इसी गिरोह द्वारा ठगी किए जाने के प्रमाण मिले हैं, जिससे मामले की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

इंश्योरेंस कंपनी से संभावित लिंक की जांच

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे रैकेट के तार किसी इंश्योरेंस कंपनी से जुड़े संभावित लिंक से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस एंगल से भी गहन जांच कर रही है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे जांच में नए तथ्य और लिंक सामने आएंगे, वैसे-वैसे संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।