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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 10, 2026

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डॉक्टर पर दर्ज हुई FIR, महिला डॉक्टर ने लगाया था ये आरोप…

बिलासपुर।  न्यायधानी स्थित सिम्स में मेडिसिन विभागाध्यक्ष पर महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोप में FIR दर्ज हो गई है. विभाग की जूनियर डॉक्टर ने डॉ. पंकज टेंभूर्णिकर पर आपातकालीन ड्यूटी के दौरान उनका फोन तोड़ने, ड्यूटी में मौखिक दुर्व्यवहार, अनुचित स्पर्श और शत्रुतापूर्ण कार्य का वातावरण बनाने का आरोप लगाया है. . इस मामले की शिकायत के बाद भी डीन की उदासनीता के बाद छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री सचिवालय में लिखित शिकायत कर उचित कार्रवाई करते हुए विभागाध्यक्ष को हटाने की भी मांग की थी. इसके बाद अब HOD के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

फोटो: मेडसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज टेंभूर्णिकर, सिम्स

बता दें, इस मामले में रेसीडेंट्स द्वारा डीन से शिकायतों के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं करने से नाराज पीड़ित महिला डाक्टर ने छत्तीसगढ़ डाक्टर्स फेडरेशन से लिखित शिकायत की थी. जिसके बाद फेडरेशन ने मामले की गंभीरता के मद्देनजर पीड़ित महिला डाक्टर के पत्र के साथ मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी.

डॉक्टर्स फेडरेशन ने अपनी लिखित शिकायत में कहा था कि इन गतिविधियों ने उनकी काम करने की क्षमता को बाधित किया बल्कि स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाया. दोषी विभागाध्यक्ष पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. कार्रवाई के नाम पर पीजी डाक्टर्स का एग्जाम लेने से रोकते हुए लीपापोती कर दी गई है. डाक्टर्स फेडरेशन ने कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी विकल्प खुला रखने और बड़े पैमाने पर आंदोलन के भी संकेत लिखित शिकायत में दिए थे.