राजधानी में पत्रकार पर प्राणघातक हमले से कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल: SWJU ने मामले की विस्तृत जांच की मांग का SP को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र के आवासीय इलाके में प्राइम डे अखबार के पत्रकार हरिमोहन तिवारी और उनकी पत्नी पर हुए प्राणघातक हमले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। हमले में पत्रकार को सिर पर गंभीर चोट आई, जिनमें चार टांके लगाने पड़े।
इस वारदात का मुख्य आरोपी बफती उर्फ भोलू खान और उसका नाबालिग बेटा है। नाबालिग को थाने से ही छोड़ देने पर पत्रकार समुदाय ने कड़ा विरोध जताया है। वरिष्ठ पत्रकार पी.सी. रथ, सुधीर आज़ाद तंबोली, दिलीप साहू और राहुल सिन्हा ने इसे कानूनन त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में नाबालिग को भी बाल न्याय बोर्ड की प्रक्रिया से गुजरना चाहिए, ताकि अपराधियों का मनोबल न बढ़े।
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इलाके में दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा था और खुद को यूपी के एक कथित गैंगस्टर से जुड़ा बताकर घर के सामने कॉलोनी में धमकाने का काम करता था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (SWJU) का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह से मिला और विस्तृत जांच की मांग का ज्ञापन सौंपा।
संगठन की मुख्य मांगें
- आरोपी और नाबालिग की भूमिका की गहराई से जांच
- संभावित गैंगस्टर कनेक्शन की कॉल डिटेल व डिजिटल जांच
- मामले में कठोर धाराएं लगाने
- पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना
एसपी ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और त्वरित होगी तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकार समुदाय सहित स्थानीय कालोनी के लोगों ने भी सवाल उठाया है कि आरोपी को मामूली धाराओं में जेल भेजा गया और तुरंत जमानत मिल जाने से उसका हौसला और बढ़ेगा पत्रकारों का कहना है कि बार-बार अपराध में शामिल व्यक्तियों पर पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, तभी कानून का भय स्थापित होगा।
इस अवसर पर संगठन सचिव सुधीर आज़ाद तंबोली, जिलाध्यक्ष राहुल सिन्हा, कोषाध्यक्ष अमित बाग, हरिमोहन तिवारी, विक्रम साहू, महेश साहू, सुधीर वर्मा, मो. शहबाज, राघवेंद्र एवं अन्य पत्रकार गण उपस्थित रहे।






