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March 9, 2026

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किसानों ने इथेनॉल प्लांट में जड़ा ताला, पोटाश खाद अमानक होने से आर्थिक क्षति का लगाया आरोप, शासन से की ये मांगें

कवर्धा। जिले के रामहेपुर स्थित एथेनॉल प्लांट में मंगलवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान प्लांट के सामने जुटे और शासन से अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर घेराव कर दिया। नाराज किसानों ने प्लांट के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया।

किसानों का आरोप है कि इथेनॉल प्लांट में तैयार किया गया पोटाश खाद अमानक और खराब गुणवत्ता वाला है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्लांट में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से यह खाद तैयार किया गया था, लेकिन वितरण के बाद किसानों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए। वहीं मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

ये है किसानों की प्रमुख मांगें

किसानों ने मांग की है कि एथेनॉल कंपनी द्वारा तैयार किया गया पोटाश खाद मानक स्तर का नहीं है, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति हुई है। इसकी क्षतिपूर्ति की जाए।

एथेनॉल कंपनी द्वारा भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की ₹19 करोड़ बकाया राशि का भुगतान किया जाए।

किसानों को हाल ही में वितरित गुणवत्ताहीन पोटाश की खरीदी को लेकर धोखाधड़ी का आरोप है। सभी किसानों को पैसा लौटाया जाए।

इन्हीं मांगों को लेकर किसानों ने प्लांट में तालाबंदी कर घेराव किया। किसानों की यह भी मांग है कि जब तक एथेनॉल प्लांट द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता और किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं की जाती, तब तक भोरमदेव से इन्हें कच्चे माल (मोलासेस) की सप्लाई पर रोक लगा दी जाए।