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किसान की बेटी दर्शना सिंह बनी IPS, UPSC में 383वीं रैंक किया हासिल

मनेंद्रगढ़। आज घोषित हुए यूपीएससी के परिणाम में छत्तीसगढ़ के एक किसान की बेटी ने चयनित होकर अपने माता-पिता के साथ ही प्रदेश का नाम रोशन किया है। गांव से ही अपने पूरे स्कूल की पढ़ाई करने वाली दर्शना सिंह ने 383वां रैंक के साथ IPS के लिए अपना स्थान चयन सूची में बनाया है। दर्शना सिंह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद यह सफलता हासिल की है।

दर्शना सिंह मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जनकपुर की रहने वाली है। जनकपुर पहले ग्राम पंचायत था, जो अब नगर पंचायत में तब्दील हो गया है। दर्शना सिंह की माता सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर की पार्षद हैं, जबकि उनके पिता अरुण सिंह किसान हैं। दर्शना सिंह ने बारहवीं तक की पढ़ाई अपने गांव के स्कूल से की है। उन्होंने गणित विषय लेकर 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की फिर जेईई एग्जाम निकालकर आईआईटी कानपुर में एडमिशन लिया। आईआईटी कानपुर से दर्शना सिंह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

पांचवीं से थी अफसर बनने की तमन्ना, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

दर्शना सिंह जब पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी तभी से उन्होंने अपने मन में प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना पाल लिया था। अपने सपने को पूरा करने के लिए दर्शना सिंह ने बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चली गई। दिल्ली से उन्होंने 1 साल तक के यूपीएससी के लिए कोचिंग किया। सालभर बाद वह कोचिंग के नोट्स को दोहराती रहीं। मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने वैकल्पिक विषय में समाजशास्त्र विषय रखा था। इस संबंध में उन्होंने बताया कि समाजशास्त्र विषय को उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान भी पढ़ा था। वैकल्पिक विषय चयन को लेकर दर्शना सिंह ने कहा कि विषय अपने रुचि के अनुसार वही चयन करना चाहिए जिसमें आपको पूरी रुचि हो और जिसे आप बिना बोर हुए 8 से 10 घंटे तक के लगातार पढ़ सके।

पहले प्रयास में दर्शना सिंह प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा निकालकर साक्षात्कार तक पहुंची पर उनका अंतिम चयन नहीं हो पाया। उन्होंने हार नहीं मानी और फिर से दूसरा प्रयास किया। दूसरे प्रयास में दर्शना 383वां रैंक के साथ आईपीएस के लिए चयनित हो गईं।

साक्षात्कार के लिए रहे सामाजिक

दर्शना सिंह ने बताया कि मुख्य परीक्षा तक की तैयारी के लिए किताबों से पढ़ाई करनी पड़ती है पर साक्षात्कार के लिए उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों से बात की। ज्यादा से ज्यादा अपने गांव, जिले, प्रदेश और प्रदेश के विषय में जानने का प्रयास किया। दर्शना सिंह ने कहा कि यूपीएससी का इंटरव्यू एक ऐसा पड़ाव है, जिसमें पूरी जिंदगी की पढ़ाई, ज्ञान और तजुर्बे का सिर्फ आधे घंटे में निचोड़ निकलता है।

आईएएस के लिए देंगी तीसरा अटेम्प्ट

दर्शना सिंह के अनुसार वह फिलहाल आईपीएस तो ज्वाइन करेंगी, पर आईपीएस की ट्रेनिंग लेने के साथ ही आईएएस बनने के लिए एक और प्रयास करते हुए तीसरा अटेम्प्ट देंगी। यदि किसी वजह से आईएएस में चयनित नहीं हो पाई तो एक ईमानदार और बेहतर पुलिस अधिकारी बनने का प्रयास करेंगी। दर्शना सिंह के अनुसार रिजल्ट की चिंता किए बिना निरंतर मेहनत करने से एक न एक दिन सफलता जरूर मिल जाती है।