Special Story

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

हाथी शावक ‘अघन’ की हुई मौत, पोटाश बम से हुआ था घायल, ठीक होते ही मां से मिलाने की थी तैयारी

गरियाबंद। गरियाबंद में पोटाश बम से घायल हाथी शावक “अघन” की आज मौत हो गई। दरअसल, शावक को मां और झुंड छोड़कर चले गए। जिसके बाद डॉक्टरों की टीम शावक को स्वस्थ करने में जुट गई। साथ ही ट्रैक्टर टीम ने दल के मूवमेंट पर भी नजर रख हुए थे। ठीक होते ही शावक को मां से मिलाने की तैयारी थी। लेकिन शावक “अघन” ने दोपहर 3.35 बजे अंतिम सांस ली। उदंती सीता नदी अभ्यारण्य के उपनिदेशक वरुण जैन ने इसकी पुष्टि की है।

बता दें कि घायल शावक को उसकी मां और झुंड छोड़कर चला गया था। जिसके बाद नन्हें शावक की सलामती में उपनिदेशक वरुण जैन के नेतृत्व में 30 अफसर, कर्मी के अलावा दो महावत और वाइल्ड लाइफ चिकित्सक डॉक्टर राकेश वर्मा 24 घंटे शावक की निगरानी व उसके मूमेंट में लगे हुए थे। हाथी के शावक की मां को ट्रैक्टर टीम ने 5 किमी की परिधि में ट्रैक किया था। लेकिन शुक्रवार को ‘अघन’ की तबियत बिगड़ गई थी। डॉक्टर्स तौरेंगा रेंज में शावक का उपचार कर रहे थे। आज दोपहर 3.35 बजे शावक अघन ने अंतिम सांस ली।

महिला अफसर ने किया था शावक का नामकरण

हाथी के शावक के ऑपरेशन को देखने सीसीएफ सतोविषा समाजदार रिसगांव रेंज के सालेहभाठ पहुंची थी। उन्होंने शावक को स्वास्थ्य करने चलाए जा रहे अभियान को करीब से देखा था। शावक के सकारात्मक व्यवहार को देखते हुए महिला अफसर ने शावक का नामकरण कर अघन नाम रख दिया था।

पोटाश बम के घातक केमिकल से बने हाथी के जीभ के घाव भरने का नाम नहीं ले रहा था। लगातार उपचार के बावजूद जीभ और गले के एक हिस्से में इन्फेक्शन बढ़ रहा था। जिसके चलते शावक ने भोजन त्याग दिया था।