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घूस लेते शिक्षा विभाग का बाबू गिरफ्तार, मेडिकल बिल के एवज में ले रहा था 10% कमीशन

रायपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को राजधानी रायपुर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने शिक्षा विभाग के बाबू को 10 प्रतिशत कमीशन लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू शिक्षक से मेडिकल बिल की प्रतिपूर्ति राशि दिलाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

मामला ग्राम पारागांव, विकासखंड अभनपुर, जिला रायपुर निवासी शिक्षक चन्द्रहास निषाद से जुड़ा है। चन्द्रहास शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपाझर (चंपारण), अभनपुर में कार्यरत हैं। उन्होंने हाल ही में अपने नवजात शिशु के उपचार में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए विद्यालय प्राचार्य कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था।

आरोप है कि इस आवेदन पर कार्रवाई करते समय कार्यालय के बाबू मनोज कुमार ठाकुर ने शिक्षक से प्रतिपूर्ति की जाने वाली 1 लाख रुपये की मेडिकल राशि पर 10 प्रतिशत यानी 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिक्षक रिश्वत देना नहीं चाहता था और उसने सीधे एसीबी से संपर्क साधा। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद बुधवार 21 अगस्त को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

योजना के तहत शिक्षक ने आरोपी बाबू को 10 हजार रुपये सौंपे। जैसे ही पैसे दिए गए, मौके पर पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने बाबू मनोज कुमार ठाकुर को रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार की जड़ों को खत्म करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में पदस्थ कर्मचारी द्वारा इस तरह से रिश्वत मांगना बेहद गंभीर मामला है। एसीबी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत पर सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारी अक्सर शिक्षक व अन्य कर्मचारियों से फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।