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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

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बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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DSP की पत्नी का बर्थडे सेलिब्रेशन: DSP की पत्नी समेत 6 पर FIR, 27 हजार का जुर्माना

अंबिकापुर। सोशल मीडिया पर वायरल एक बर्थडे सेलिब्रेशन वीडियो अब भारी पड़ गया है। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 12वीं बटालियन में पदस्थ डीएसपी तस्लीम आरिफ की पत्नी ने नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी का गलत इस्तेमाल करते हुए खुलेआम बर्थडे मनाया, लेकिन यह दिखावा अब कानून की गिरफ्त में आ गया है।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और हाई कोर्ट के सख्त रुख के चलते पुलिस को भी मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने डीएसपी की पत्नी सहित वाहन में मौजूद कुल छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चालान पेश कर दिया है। साथ ही सभी पर ₹27,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।

दरअसल, यह पूरा मामला रामानुजगंज का है, जहां डीएसपी की पत्नी ने अपने जन्मदिन के मौके पर नीली बत्ती लगी सरकारी गाड़ी के बोनट पर बैठकर केक काटा और दोस्तों के साथ जश्न मनाया। इस दौरान गाड़ी की नीली बत्ती भी चालू थी। यह वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो आम लोगों से लेकर कोर्ट तक में इस पर नाराजगी देखी गई।

शुरुआत में पुलिस ने केवल वाहन चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामूली कार्रवाई की थी, लेकिन जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा और राज्य के मुख्य सचिव ने इस संबंध में शपथ-पत्र दाखिल कर कोर्ट को पूरी जानकारी दी, तो जांच में तेजी आई। इसके बाद पुलिस ने विवेचना करते हुए डीएसपी की पत्नी और उसकी सहेलियों को भी आरोपी बनाया।

अब इस मामले में सभी छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। यह घटना कानून के दुरुपयोग और वीआईपी संस्कृति के प्रदर्शन की एक और मिसाल बन गई है, जो यह बताती है कि चाहे कोई भी हो, कानून सबके लिए बराबर है।

हाई कोर्ट के हस्तक्षेप और सख्ती से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी पद और संसाधनों का निजी उद्देश्यों में उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला अब उन लोगों के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है, जो सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग कर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।