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नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़: औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर्स पर मारा छापा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में औषधि प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। जिले की देवभगत फार्मेसी (दुर्ग शहर) और सिन्हा मेडिकल स्टोर (पाटन क्षेत्र) में औषधि निरीक्षकों की टीम ने पुलिस बल के साथ दबिश दी, जिसमें बिना वैध बिल और दस्तावेजों के नारकोटिक दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। इस कार्रवाई के बाद दोनों मेडिकल स्टोर्स की औषधि अनुज्ञप्तियां (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।

बता दें कि यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा संचालित “अवैध औषधि नियंत्रण अभियान” के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना और गैरकानूनी दवा कारोबार पर सख्ती से रोक लगाना है।

सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने दी दबिश

गौरतलब है कि औषधि निरीक्षकों को सूचना मिली थी कि दुर्ग के कुछ मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाएं बिना पंजीकरण और नियमन के खुलेआम बेची जा रही हैं। इस पर औषधि प्रशासन ने स्थानीय पुलिस विभाग के साथ मिलकर देवभगत फार्मेसी और सिन्हा मेडिकल स्टोर पर छापा मारा।

जांच के दौरान इन मेडिकल स्टोर्स से शक्तिशाली दर्द निवारक और नशे के लिए प्रचलित ट्रामाडोल (Tramadol), युवा वर्ग द्वारा नशे के तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला कोडीन युक्त (Codeine-based Cough Syrups) कफ सिरप और गैरकानूनी गर्भपात में उपयोग होने वाला एमटीपी किट (Medical Termination of Pregnancy Kits) जैसी दवाएं बरामद कर जब्त की गई हैं।

कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दोनों मेडिकल स्टोर्स की औषधि अनुज्ञप्तियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इसके साथ ही औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत विस्तृत कानूनी कार्रवाई जारी है। सूत्रों के अनुसार इन मेडिकल स्टोर्स से जुड़े अन्य व्यापारिक या चिकित्सकीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

क्या कहता है प्रशासन ?

औषधि नियंत्रक विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि “प्रदेश में किसी भी हाल में नशीली, प्रतिबंधित या गैरकानूनी दवाओं की बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी संस्थान नियमों को ताक पर रखकर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करेंगे, उन पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी दवाएं अक्सर उन क्षेत्रों में खपाई जाती हैं, जहां युवा वर्ग, नशे की लत या सस्ती दवाओं की पहुंच के प्रति संवेदनशील होते हैं। ट्रामाडोल जैसी दवाएं, जो सीमित चिकित्सकीय उपयोग के लिए अनुमोदित हैं, यदि बिना नियंत्रण के खुले बाजार में बिकें, तो यह सामाजिक स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है।

जनता से अपील

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी भी मेडिकल स्टोर में संदिग्ध गतिविधियां या नशीली दवाओं की अवैध बिक्री होती दिखाई दे, तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।