Special Story

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

कंबल वाले बाबा के शिविरों पर रोक लगाने डॉ. दिनेश मिश्र ने कलेक्टर को लिखा पत्र, कहा- बीमार मरीजों पर अपना कंबल ढंक कर ठीक करने का दावा करना है संदेहास्पद

रायपुर।  अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने रायपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर कंबल वाले बाबा के तथाकथित शिविरों पर रोक लगाने की मांग की है. डॉ  मिश्र ने पत्र में कहा कि पिछले कुछ समय से अहमदाबाद (गुजरात) के पास के एक व्यक्ति गणेश यादव जो कि स्वयं को कंबल वाले बाबा के नाम से प्रचारित कर रहा है और अपने कम्बल को मरीजों को ढांकने से, झाड़-फूँक करने से, मनुष्यों की बीमारियों को ठीक करने का दावा करता है. इसके साथ ही वह अनेक स्थानों पर ऐसे शिविरों का आयोजन भी करता है. डॉ. मिश्र ने अपने पत्र में इस प्रकार के शिविरों को संदेहास्पद लिखा है. 

उन्होंने आगे लिखा कि चिकित्सा विज्ञान इस प्रकार के दावों को सत्य नहीं मानता और विज्ञान के अनुसार भी किसी भी बीमारी का उपचार इस प्रकार कंबल ओढ़ाने, विवित्र प्रकार से झाडफूंक करने, हाथ-पैर मोडने, पटकने, धक्का देने से संभव नहीं है और न ही इस प्रणाली को चिकित्सा विज्ञान ने मान्यता दी है. इस प्रकार के उपचारों से अशिक्षित और ग्रामीण अंचल के ऐसे लोग जो स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं, अपने उपचार के लिए चले जाते हैं जो स्वास्थ्य एवं मानसिक रूप से ठगे जाते हैं.

उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में प्रकार पीड़ितों का मजमा लगा कर उपचार करने की बात अनैतिक व हास्यास्पद भी है. इंडियन ड्रग एंड मेजिक रेमेडी एक्ट 1954 के तहत ऐसी 54 बीमारियों जिसमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, विकलांगता शामिल हैं, का इस प्रकार तथाकथित झाडफूंक से उपचार करना और उसका प्रचार करना कानूनी अपराध है.

उन्होंने कहा कि हमने पहले भी इस प्रकार के शिविर पर रोक लगाने की मांग की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए  सरगुजा, बलौदाबाजार के जिला प्रशासन ने उक्त बाबा के तथाकथित शिविरों पर  जांच और रोक  लगाने की कार्यवाही की है. हमारी मांग है कि कम्बल वाले बाबा उर्फ गणेश यादव के सभी तथाकथित स्वास्थ्य शिविरों पर प्रतिबंध लगाया जाये, ताकि क्षेत्र की भोली-भाली जनता को अंधविश्वास, ठगी से और धोखाधड़ी से बचाया जा सके.