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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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डॉ. सी. व्ही. रमन विश्वविद्यालय को मिला A ग्रेड: कुलाधिपति संतोष चौबे बोले- विश्वविद्यालय स्थानीय कलाकारों को दे रहा बढ़ावा

बिलासपुर- डॉ. सी. व्ही. रमन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि वर्ष 2006 में आदिवासी बाहुल क्षेत्र कोटा में स्थापित होकर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है. विश्वविद्यालय आदिवासी अंचल के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को विशेषकर छात्राओं को विज्ञान, तकनीक, प्रबंधन, कला, साहित्य, संस्कृति और भाषा से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रहा है. इसके साथ कौशल में दक्ष करने के बाद उद्यमी बनाकर स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रहा है. यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जा रही है. डॉ. सी. व्ही. रमन विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए ग्रेड प्रदान किया गया है. सीवीआरयू को नैक ए ग्रेड प्राप्त करने वाला प्रदेश का पहला निजी विश्वविद्यालय बना है.

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को वैश्विक बाजार से कॉम्पिट करने के लिए और आत्मनिर्भर भारत में अपने योगदान देने के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रदत्त इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है. जो नए उद्यमी तैयार करने व स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सहायता करता है. इसी तरह भारत सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री कौशल केंद्र भी प्रदान किया गया है. जिसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ कौशल में भी दक्ष हो रहे हैं, इतना ही नहीं, कौशल में दक्षता के बाद उन्हें नेशनल और इंटरनेशनल जॉब भी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जाता है. इसके लिए देश और विदेश की विख्यात कंपनियां यहां आकर विद्यार्थियों का चयन करती है, कौशल विकास में दक्ष युवा आज भारत ही नहीं कई देशों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

विश्वविद्यालय में ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना की गई है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है. आदिवासी महिलाओं, कृषकों और युवाओं को हर्बल उत्पाद के साथ वन औषधियां और अन्य वनोत्पाद से बाजार के मांग के अनुरूप उत्पादन तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके लिए छत्तीसगढ़ ही नहीं देश के कई राज्यों से प्रसिद्ध उद्यमी भी प्रशिक्षण देने विश्वविद्यालय आते हैं.

विज्ञान और तकनीक के अलावा कला संस्कृति को संजोने का काम भी विवि कर रही है, स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा देने के कार्यक्रम भी यहां किए जाते हैं. विवि नई शिक्षा नीति के तहत कौशल का विकास में जुटा है.