Special Story

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

बिलासपुर। बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

डिजिटल ऋण पुस्तिका राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम- मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग 1से 4 पुस्तक का भी विमोचन किया गया। यह पहल राज्य के किसानों और भूमिधारकों को आधुनिक, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर संचालक भू अभिलेख श्री विनीत नन्दनवार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

डिजिटल किसान किताब अब पारंपरिक मैन्युअल किसान किताब का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसानों को अपनी भूमि संबंधी जानकारी कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा भुइया पोर्टल पर B-1 एवं P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे किसान आसानी से देख और डाउनलोड कर सकेंगे।

डिजिटल प्रणाली में आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहेंगे, जिससे जानकारी संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी। साथ ही, संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति उपलब्ध होने से दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका केवल एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए भूमि पर निर्भर हैं। अब ऋण पुस्तिका से संबंधित जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी।

मंत्री ने बताया कि डिजिटल प्रणाली से त्रुटियों में कमी आएगी, अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी। यह पहल “डिजिटल छत्तीसगढ़” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगी तथा शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग, NIC तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करें।

डिजिटल किसान किताब और डिजिटल ऋण पुस्तिका का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में राजस्व सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।