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March 10, 2026

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श्री नारायणा हॉस्पिटल में डिजिटल हेल्थ मास्टरक्लास का हुआ आयोजन, एएचपीआई के सहयोग से बना कोर्स …

रायपुर।  एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआई) और श्री नारायणा हॉस्पिटल, देवेंद्र नगर, रायपुर द्वारा कोयटा फाउंडेशन के सहयोग से राज्य स्तरीय डिजिटल हेल्थ मास्टर क्लास का आयोजन किया गया है. इस कार्यशाला में करकीनोस हैल्थकेयर के उपाध्यक्ष आरकेपी चित्तूर रेड्डी ने विस्तार से स्वास्थ्य क्षेत्र में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड की उपयोगिता के बारे में विस्तार से चर्चा की है.

एएचपीआई के डायरेक्टर डॉ. सुनील खेतरपाल, कोयटा फाउंडेशन से डॉ. अनुजा सनखे, श्री नारायणा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुनील खेमका, एएचपीआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, महासचिव अतुल सिंघानिया सहित स्वास्थ्य क्षेत्र के कई ख्याति प्राप्त लोग इस अवसर पर उपस्थित थे.

एएचपीआई के डायरेक्टर डॉ. सुनील खेतरपाल ने कार्यशाला में उपस्थित सभी डेलिगेट्स का स्वागत करते हुए उन्हें इस कार्यशाला के महत्त्व के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने श्री नारायणा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर को स्वयं वालंटियर कर इस वर्कशॉप का आयोजन का प्रस्ताव देने के लिए डॉ. खेमका का आभार व्यक्त किया.

एएचपीआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि एएचपीआई देश के स्वास्थ्य प्रदाता संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें 27,000 से भी ज्यादा सदस्य अस्पताल हैं. एएचपीआई केंद और राज्य सरकारों के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र की नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

कोयटा फाउंडेशन की डॉ. अनुजा सनखे ने बताया कि एएचपीआई के सहयोग से इस डिजिटल हेल्थ मास्टर क्लास का कोर्स कंटेंट बनाया गया है. जिससे छोटे और मध्यम अस्पतालों में डिजिटल तकनीक अपनाई जा सके. कोयटा फाउंडेशन के अध्यक्ष रिज़वान कोयटा हैं जो अस्पतालों की गुणवत्ता निर्धारित करने वाली संस्था NABH के चैयरमैन भी हैं.

श्री नारायणा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और एएचपीआई छत्तीसगढ़ की एडवाइजरी समिति के सदस्य डॉ. सुनील खेमका ने कहा कि यह वर्कशॉप मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि आने वाला समय टेक्नोलॉजी आधारित सर्विस डिलीवरी का है.

एएचपीआई के महासचिव अतुल सिंघानिया ने मंच का संचालन और आभार प्रदर्शन किया. अतुल सिंघानिया ने बताया कि इस वर्कशॉप में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के 57 अस्पतालों के 100 से ज्यादा डेलिगेट्स ने रजिस्ट्रेशन किया जिसमें छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश के लोग भी शामिल थे.