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March 9, 2026

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दिगंबर जैन समाज ने पर्युषण पर्व के तीसरे दिन मनाया उत्तम आर्जव धर्म 

रायपुर।  जैन धर्मावलंबियों का आत्मशुद्धि का दस दिवसीय पर्यूषण पर्व राजधानी रायपुर के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में पूरी धार्मिक प्रभावना के साथ मनाया जा रहा है। आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी दिन शनिवार को पर्युषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म धार्मिक प्रभावना के साथ मनाया गया।

श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर के पूर्व अध्यक्ष संजय जैन नायक जैन ने बताया कि दस लक्षण उत्तम क्षमा धर्म,उत्तम मार्दव धर्म,उत्तम आजर्व धर्म,उत्तम शौच धर्म,उत्तम सत्य धर्म,उत्तम संयम धर्म,उत्तम तप धर्म ,उत्तम त्याग धर्म,उत्तम आकिंचन धर्म, उत्तम ब्रहचर्य धर्म होते हैं, जिनका पालन पर्युषण पर्व पर श्रावक करते हैं। इस प्रकार धर्म के इन दस पर्वों को पर्युषण पर्व के रूप में जैन श्रावक बड़े धूमधाम से मनाते है। उत्तम क्षमा धर्म के दिन विगत में हुई जानी अंजानी भूलों के प्रति परस्पर क्षमापना की गई। उत्तम मार्दव धर्म के दिन किसी भी चीज पर मान,अभिमान, कषाय आदि न कर जीवन में मृदुलता और सरलता लाने का संदेश दिया गया। आज पर्युषण पर्व का तीसरा दिवस है,जो उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया है।

उत्तम मार्दव धर्म पर आज श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर की समस्त वेदियों पर में प्रातः काल से श्री जी का पूजन, शांतिधारा, अभिषेक प्रारंभ हो जाता है। श्रद्धालु शुद्ध पवित्र पीले,केसरिया धोती धारण कर भगवान का पूजन और अभिषेक पूरे मनोयोग से करते हैं। प्रतिदिन की तरह आज भी पार्श्वनाथ भगवान की बेदी के समक्ष श्रावक गानों ने 24 वे तीर्थंकर श्री महावीर भगवान को श्रद्धा भाव के साथ पाण्डुक शीला में विराजमान कर प्रासूक जल रजत कलशों से मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया। आज की शांति धारा करने का सौभाग्य प्रवीण जैन मामा को प्राप्त हुआ साथ ही श्री जी की भक्ति भाव से आरती की गई तत्पश्चात उपस्थित सभी श्रावकों ने देव शास्त्र गुरु पूजन,महावीर भगवान का पूजन,दशलक्षण पूजन किया।

आर्जव का मतलब क्या है ? जीवन में सरलता आ जाना ही उत्तम आर्जव है। ऋजुता के भाव होना ही आर्जव है। हमारे जीवन मे ऋजुता तभी आएगी जब हम अन्दर बाहर से एक हो जाए। मन, वचन, काय में समानता आना ही आर्जव भाव है। हमारे भावो में जितनी सरलता आती जाएगी हमारी दुर्गतियों का नाश होता जाएगा। शास्त्र में कहा भी गया है कि उत्तम आर्जव कपट मिटावे, दुर्गति त्याग सुगति उपजावे।

आज के सामूहिक अभिषेक शांति धारा पूजन कार्यक्रम में विशेष रूप से पूर्व अध्यक्ष संजय जैन नायक, पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू, इंजीनियर राजीव जैन, प्रवीण जैन, आदेश जैन, संदीप जैन, अमित जैन, अशोक जैन, धीरज गोधा, निलेश जैन, नरेंद्र जैन, प्रणीत जैन, आशीष जैन उपस्थित थे।