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March 19, 2026

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जो कहेंगे सच कहेंगे

दीपक बैज ने कहा – छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बनाएगी आदिवासी सलाहकार परिषद, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर सरकार से पूछा – 

रायपुर। दिल्ली दौरे से लौटे छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दों पर बयान दिया। उन्होंने दिल्ली में हुई बैठकों की जानकारी देते हुए आदिवासी हित, कानून व्यवस्था, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक और परीक्षा घोटालों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।

दीपक बैज ने बताया कि दिल्ली में आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें देशभर के आदिवासी नेता शामिल हुए। बैठक में आदिवासियों के हितों के संरक्षण, लीडरशिप डेवलपमेंट और उन्हें मुख्यधारा में आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आदिवासी सलाहकार परिषद का गठन किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी राज्य स्तरीय परिषद बनाई जाएगी। यह परिषद आदिवासी मुद्दों का अध्ययन कर पीसीसी को रिपोर्ट सौंपेगी। बैज ने यह भी बताया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे। साथ ही फॉरेस्ट राइट एक्ट और पेसा कानून को मजबूत करने पर भी गहन चर्चा हुई।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बिल बीजेपी की सरकार ने 2006 में लाया था और 2006 से 2018 तक बीजेपी की सरकार रही। उन्होंने पूछा कि “20 साल तक बिल लंबित क्यों रखा गया और अब राज्यपाल द्वारा वापस भेजे जाने का क्या कारण है? सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।”

चरमरा गई है कानून व्यवस्था

प्रदेश में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही कमिश्नरी प्रणाली का विरोध करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां यह प्रणाली लागू हुई, वहां यह पूरी तरह फेल साबित हुई है। बैज ने कहा, छत्तीसगढ़ में फेल सिस्टम लागू करने का क्या मतलब है? कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नशे का कारोबार बढ़ रहा है और अफीम की खेती तक होने लगी है।

परीक्षा प्रणाली पर भ्रष्टाचार के आरोप

व्यावसायिक परीक्षा से जुड़े विधेयक पर भी बैज ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में हर परीक्षा में भ्रष्टाचार हो रहा है। पुलिस, फॉरेस्ट समेत कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। बैज ने सवाल उठाया कि 12वीं की परीक्षा से एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता है, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? अब तक सरकार ने क्या कार्रवाई की?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।