Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

शतरंज की बिसात पर बेटियों का परचम, मुख्यमंत्री ने दी दिव्या देशमुख व कोनेरू हंपी को ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएँ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने FIDE महिला शतरंज विश्व कप–2025 में भारत की बेटियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हर्ष और गर्व व्यक्त करते हुए विजेता दिव्या देशमुख और उपविजेता कोनेरू हम्पी को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह भारत की बेटियों की शक्ति, संकल्प और सामर्थ्य की एक प्रतीकात्मक तस्वीर थी। जब विश्व कप के फाइनल में दो भारतीय बेटियाँ आमने-सामने हों, तो वह पल भारत के लिए गौरव का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का उत्सव बन जाता है।

उन्होंने कहा कि दिव्या देशमुख द्वारा खिताब जीतना और कोनेरू हम्पी द्वारा उपविजेता बनना इस बात का प्रमाण है कि भारत की बेटियाँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह जीत पूरे देश, विशेषकर देश की बेटियों के आत्मबल और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने वाली है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दृढ़ संकल्प, एकाग्रता और लगन – इन तीन गुणों के माध्यम से दिव्या और हम्पी ने न केवल शतरंज की बिसात पर विजय प्राप्त की, बल्कि भारत के हर गाँव और शहर की बेटियों को यह संदेश भी दिया कि सपनों को साकार करने के लिए कोई सीमा नहीं होती।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह क्षण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।