Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

बांग्लादेशियों पर शिकंजा : 16 साल से राजधानी में रह रहे थे बांग्लादेशी दंपत्ति, अंडा ठेला चलाते-चलाते फर्जी दस्तावेजों से बने भारतीय, पुलिस ने दबोचा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी दंपत्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले 16 वर्षों से फर्जी दस्तावेजों के सहारे शहर में निवास कर रहे थे। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी पासपोर्ट, मार्कशीट, आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

आरोपियों की पहचान मोहम्मद दिलावर (49 वर्ष) और उसकी पत्नी परवीन बेगम (44 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूलतः बांग्लादेश के मुंशीगंज जिले के रहने वाले हैं। दोनों धरमनगर, टिकरापारा स्थित किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भारत सरकार द्वारा जारी पासपोर्ट, आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवाए थे।

दिलावर द्वारा प्रस्तुत आठवीं कक्षा का प्रगति पत्रक वर्ष 2009-10 का है, जिसमें उसकी जन्मतिथि 15 अप्रैल 1975 अंकित है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि उसने 35 वर्ष की उम्र में फर्जी मार्कशीट बनवाई, ताकि पासपोर्ट और अन्य भारतीय दस्तावेज तैयार करवाए जा सकें।

16 वर्षों से भारत में अवैध रूप से निवास

पुलिस पूछताछ में दिलावर ने बताया कि वह लगभग 15 वर्ष पहले बांग्लादेश से भारत के बनगांव बॉर्डर के रास्ते अकेले आया था। कुछ समय बाद उसने अपनी पत्नी परवीन बेगम और एक वर्षीय पुत्री को भी भारत बुला लिया। रायपुर में रहते हुए उसने अंडा ठेला लगाकर जीवन यापन शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए।

दिलावर के मोबाइल फोन की जांच में भी कई बांग्लादेशी नंबर पाए गए, जिनमें उसकी बड़ी बहन का नंबर भी शामिल है। इसके अलावा उसके पासपोर्ट पर भारत और बांग्लादेश के बीच कई बार यात्रा किए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं।

कई धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 437/25 के तहत भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 112, 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) और पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12(बी), पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 की धारा 3 एवं विदेशियों अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

दोनों आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी पासपोर्ट, शैक्षणिक दस्तावेज, आधार कार्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं। पुलिस अन्य संदिग्धों के बारे में भी पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है।