अवैध निर्माणों पर निगम का शिकंजा, जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज
रायपुर। नगर निगम रायपुर की शहर व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के लिए आयुक्त विश्वदीप ने मंगलवार को महात्मा गांधी सदन स्थित सभागार में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में अपर आयुक्त, जोन कमिश्नर, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निवेशक, अभियंता, और राजस्व अधिकारी सहित सभी प्रमुख विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही। आयुक्त ने निर्देश दिए कि 26 जून से प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे सभी जोन कमिश्नर, स्वास्थ्य अधिकारी और अभियंता अपने-अपने क्षेत्र के वार्डों में फील्ड में निकलकर नगर निगम के मूल कार्यों सफाई, जल निकासी, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और सड़क व्यवस्था की स्थिति की निगरानी करें।
बारिश में जलभराव पर जीरो टॉलरेंस
आयुक्त विश्वदीप ने स्पष्ट किया कि शहर में जलभराव की स्थिति कतई नहीं होनी चाहिए। नालियों और नालों की तली तक सफाई की जाए और जहां पाटे बाधा बन रहे हों, उन्हें तत्काल तोड़ा जाए। सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सफाई ठेकेदार द्वारा निर्धारित संख्या में श्रमिक फील्ड में उपस्थित हों, तभी उनके वेतन का भुगतान किया जाए।
पेयजल और स्ट्रीट लाइट्स पर विशेष ध्यान
बारिश के दौरान नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिल सके इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सभी स्ट्रीट लाइट चालू होनी चाहिए, खराब लाइटों को अविलंब बदलने के निर्देश भी दिए गए। नगर निवेश विभाग को अवैध प्लाटिंग, अवैध निर्माण और अतिक्रमण के विरुद्ध नियमपूर्वक सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर पुतले रखकर यातायात बाधित करने वाले दुकानदारों पर सीधी कार्रवाई, ठेलों-गुमटियों में डस्टबीन अनिवार्य करने की बात कही गई है।
संपत्तिकर भुगतान पर छूट
आयुक्त ने बताया कि 30 जून तक संपत्तिकर का पूरा भुगतान करने पर नागरिकों को 6.25% की छूट मिलेगी। आयुक्त ने दो टूक कहा कि मूल कार्यों में लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी और सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे शहर की व्यवस्था सुधारने अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करें।






