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March 9, 2026

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पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर का ठेकेदार पंजीयन निलंबित, जारी हुआ आदेश…

रायपुर। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद अब शासन स्तर पर कार्रवाई होनी शुरू हो गई है. इस कड़ी में लोक निर्माण विभाग ने उसका “अ” वर्ग ठेकेदार के पंजीयन ( क्र. CGeR06088 दिनांक 06.03.2020 ) को निलंबित कर दिया है.

लोक निर्माण विभाग की ओर से सोमवार को जारी आदेश में बताया गया कि मुख्य अभियंता, बस्तर परिक्षेत्र जगदलपुर ने विभाग में पंजीकृत “अ” वर्ग ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड का मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किए जाने पर पंजीयन को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की थी. इस अनुशंसा को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने सुरेश चंद्राकर के “अ” वर्ग पंजीयन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

सुरेश चंद्राकर को मिले हैं अरबों के ठेके

बता दें कि नेलसनार – कोडोली – मिरतुर – गंगालुर मार्ग के कार्य को कुल 30 भागो में विभक्त किया गया था, जिसमें 17 भागों का कार्य सुरेश चन्द्राकर को 30 नवंबर 2015 को दिया गया था, जिसे 29 जुलाई 2016 तक पूरा करना था. इसकी अनुबंधानुसार लागत 5407.14 लाख रुपए थी, जिसकी पुनरीक्षित स्वीकृति राशि रू. 14139.89 लाख है. सुरेश चंद्राकर ने 17 भागों में मिले कुल 32.40 किमी सड़क में से 12 भागों में 24.90 किमी सड़क का पूर्ण कर लिया गया था, जिसके विरूद्व 11617.97 लाख रुपए व्यय किया गया था. शेष 05 भागों का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है.

इसी तरह जिला बीजापुर के जैगुर रोड से तुमनार मार्ग 11.20 किमी लंबी सड़क के काम के लिए प्रशासकीय स्वीकृति 1376.39 लाख रुपए की थी, वहीं अनुबंधानुसार राशि 1306.36 लाख रुपए है. इसके लिए 2 दिसंबर 2022 को कार्यादेश दिया गया खा, जिसे अनुबंधानुसार 7 जनवरी 2024 तक पूर्ण करना था, जिसके लिए 166.85 लाख रुपए व्यय किया गया है. वर्तमान में यह कार्य प्रगति पर है.

इसके अलावा बीजापुर कुटरू से फरसेगढ़ तक 12.60 किमी लंबी सड़क के चौडीकरण एवं डामरीकरण कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति राशि 2021.25 लाख रुपए थी, जबकि अनुबंधानुसार राशि 1952.53 लाख रुपए है. कार्यादेश 12 मार्च 2024 को दिया गया था, जिसकी अनुबंधानुसार पूर्णता की संभावित तिथि 11 सितंबर 2025 है, जिसके विरूद्व 130.53 लाख रुपए व्यय किया गया है.

जीएसटी ने पहले की है कार्रवाई

इसके पहले सुरेश चंद्राकर के खिलाफ जीएसटी ने कार्रवाई की थी. जीएसटी की ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की फर्म पर छापामार कार्रवाई के दौरान 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है. इस मामले में वाणिज्यिक कर विभाग विस्तृत जांच कर रही है. राज्य वाणिज्यिक कर विभाग ने बीजापुर जिले में स्थित सड़क निर्माण करने वाली फर्म मेसर्स सुरेश चंद्राकर के परिसरों का 27 दिसंबर को निरीक्षण किया था. प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि फर्म ने विगत वित्तीय वर्षों में 2 करोड़ से अधिक की अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया है. 

अवैध निर्माण को किया गया जमींदोज

पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देश के बाद हर स्तर पर कार्रवाई की जा रही है. एक तरफ सुरेश चंद्राकर द्वारा किए गए अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया है, वहीं दूसरी ओर सुरेश चंद्राकर की संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच करने के साथ उसके तीन बैंक खातों को होल्ड कराया गया है.

एसआईटी का किया गया गठन

पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड की जांच के लिए साय सरकार ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक गुर्जर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. पूरे घटनाक्रम की जांच कर चार हफ्ते में चालान पेश कर स्पीड ट्रायल कराए जाने के बात कही गई है.