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सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 14, 2026 3 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ी…

चेट्रीचंड्र महोत्सव पर 15 मार्च को ‘चंड्र जी रात’ कार्यक्रम, बीटीआई ग्राउंड में जुटेगा सिंधी समाज

चेट्रीचंड्र महोत्सव पर 15 मार्च को ‘चंड्र जी रात’ कार्यक्रम, बीटीआई ग्राउंड में जुटेगा सिंधी समाज

Shiv Mar 14, 2026 2 min read

रायपुर। सिंधी समाज के प्रमुख पर्व चेट्रीचंड्र महोत्सव के अवसर…

सड़क सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 मार्च को, बनेगा रोड सेफ्टी क्लब

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Shiv Mar 14, 2026 2 min read

रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए और…

“क्या छत्तीसगढ़ में मेधा नहीं? कुलपति नियुक्तियों पर अजय चंद्राकर ने सरकार को घेरा”

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Shiv Mar 14, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर…

गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 14, 2026 3 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर स्थित गुरु…

March 14, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

बस्तर में नक्सलियों पर लगातार कार्रवाई, सुकमा में डंप साइट का खुलासा

सुकमा। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुकमा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 226 बटालियन सीआरपीएफ की सी कंपनी ने गोमगुड़ा क्षेत्र के पोडियमपारा में एंबुश ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों के एक डंप साइट का पता लगाया।

सर्चिंग के दौरान जवानों ने मौके से करीब 18 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की। बरामद सामान में तिरपाल, स्लीपिंग बैग, पिट्ठू, नक्शा-चार्ट और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल नक्सली अपने ठिकानों और गतिविधियों के लिए करते थे।

सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की जांच की जा रही है। सीआरपीएफ ने अपने बयान में कहा है कि क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा और नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी, ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का है लक्षय

बता दें कि छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा अब अंतिम चरण में है। 31 मार्च 2026 तक इसे पूरी तरह समाप्त करना है। सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई, विकास कार्यों और पुनर्वास नीति के चलते 1300 से ज्यादा नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। बस्तर अब हिंसा से मुक्त होकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है।