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कांग्रेस का “मनरेगा बचाव संग्राम”: PCC चीफ बैज ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- 

जगदलपुर। मनरेगा योजना को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। बीते 8 जनवरी से प्रदेश में कांग्रेस ने मनरेगा बचाव संग्राम शुरू कर दिया है। आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जगदलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार योजना के नाम और ढांचे में बदलाव की आड़ में मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर करने की साजिश कर रही है।

पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार अपने 11 वर्षों के कार्यकाल में मनरेगा मजदूरों को औसतन केवल 38 दिन का ही रोजगार उपलब्ध करा सकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हकीकत यह है, तो अब 125 दिन रोजगार देने के दावे किस आधार पर किए जा रहे हैं। बैज ने इसे मजदूरों और किसानों के साथ सीधा छल बताते हुए कहा कि सरकार जमीनी सच्चाई से पूरी तरह कट चुकी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मनरेगा की वित्तीय संरचना पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पहले इस योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है। ऐसे में, पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे राज्यों के लिए मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी का भुगतान कर पाना बेहद मुश्किल हो गया है। बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर राज्यों को कमजोर कर रही है, ताकि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं धीरे-धीरे दम तोड़ दें।

दीपक बैज ने यह भी कहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार की योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इससे मजदूरों के साथ-साथ किसानों, छोटे व्यापारियों और गांव की पूरी अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है। लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आज यह योजना अपने मूल उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है।

छत्तीसगढ़ में “मनरेगा बचाव संग्राम” के तहत होगा चरणबद्ध आंदोलन

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह केंद्र सरकार की इन नीतियों के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि 8 जनवरी से शुरु हुए “मनरेगा बचाव संग्राम” के तहत 25 फरवरी तक पूरे छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। इस दौरान धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन और जनजागरूकता कार्यक्रमों के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया जाएगा।

बैज ने कहा कि कांग्रेस मजदूरों और किसानों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी और मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी।