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कांग्रेसियों ने चैतन्य टेक्नो स्कूल के खिलाफ थाने में की शिकायत, CBSE स्कूल के नाम पर पालकों को ठगने का लगाया आरोप

रायपुर- कांग्रेसियों ने रायपुर के चैतन्य टेक्नो स्कूल पर सीबीएसई स्कूल के नाम पर लाखों पालकों को ठगने का आरोप लगाया है. इसकी शिकायत सीएसपी से की है और सूक्ष्म जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि, मान्यता के नाम छत्तीसगढ़ में बड़ा गोरख धंधा चल रहा है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर ने बिना डीईओ के हस्ताक्षर के चैतन्य टेक्नो स्कूल के दो ब्रांच की मान्यता दी है. मान्यता सीजी बोर्ड का जारी हुआ है और चैतन्य टेक्नो स्कूल सीबीएसई स्कूल की पढ़ाई करवा रहा है. कांग्रेसियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों पर जुर्म दर्ज करने की मांग की है.

शिकायत में बताया गया है कि चैतन्य टेक्नो स्कूल में नौ सौ से ज्यादा छात्र अध्ययनरत हैं, जिन्हें सीबीएसई की मान्यता होना बता कर लाखों रुपए फीस अवैध रूप से वसूला जा रहा है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मान्यता के नाम पर करोड़ों रुपए की अवैध उगाही की जा रही है. नियम विरुद्ध मान्यता प्रदान किया जा रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी भी चैतन्य स्कूल के ठगी का शिकार हुए हैं. उनके दोनों बच्चों को सीबीएसई स्कूल के नाम पर ठगा गया.

सीएसपी से शिकायत करने वालों में अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य अमजद, प्रदेश महामंत्री हेमंत पाल , प्रदेश सचिव कुणाल दुबे, प्रदेश वाईस चेयरमैन पुनेश्वर लहरे, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विशाल मानिकपुरी, विधानसभा उपाध्यक्ष अंकित बंजारे , विधानसभा महासचिव तनिष्क मिश्रा, अजय यादव शामिल थे.

शिकायत में यह भी बताया गया है कि फर्जी प्रमाण-पत्र से यह भी स्पष्ट होता है कि विद्यालय को नर्सरी से कक्षा-8वी तक अंग्रेजी माध्यम की छत्तीसगढ़ SCERT पाठ्यक्रम की शिक्षा देनी होगी, लेकिन अब भी यह विद्यालय CBSE के पाठयक्रम बोलकर किताबें विशिष्ट दुकान से खरीदवा रहा है. यही नहीं कक्षा-9वीं और आगे की गैर-मान्यता प्राप्त कक्षाएं उस परिसर में संचालित कर रहा है. एडमिशन और अन्य नाम से कैपिटेशन फीस भी वसूला जा रहा है. इन सबकी अनुमति देने का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी को भी नहीं है.