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किराए के वाहनों पर 130 करोड़ खर्च, पुलिस का कुल वाहन खर्च 350 करोड़ पहुंचा

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Shiv Mar 12, 2026 7 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने महज़ साल भर में किराए के वाहनों…

संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को मिला बड़ा नक्सली डम्प

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

गरियाबंद। जिले के थाना मैनपुर क्षेत्र में सुरक्षा बलों को संयुक्त…

बच्चों से पुताई करवाने वाली प्राचार्या हटाई गई, आरटीई सीटें घटाने पर हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आरटीआई से जुड़ी जनहित याचिका समेत अन्य…

गैस सिलेंडर की किल्लत पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, 35 सदस्य स्वमेव निलंबित

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान महँगाई और…

कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

March 12, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

दिल्ली में बैठक के बाद कांग्रेस में सख्ती, PCC चीफ ने कहा…हर 3 महीने में होगी समीक्षा, कमजोर प्रदर्शन पर बदले जा सकते हैं जिलाध्यक्ष

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में व्याप्त गुटबाजी के बीच हाइकमान ने एक बार फिर संगठन में कसावट लाने का प्रयास किया है। दिल्ली में जिलाध्यक्षों की बैठक के संगठन ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के कामकाज की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी और प्रदर्शन के आधार पर संगठनात्मक फैसले लिए जाएंगे।

गौरतलब है कि कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की मीटिंग बैठक आयोजित की थी। दिल्ली में हुए इस बैठक से वापस लौटन के बाद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है। इन्ही निर्देशों में जिलाध्यक्षों की जमीनी स्तर पर सक्रियता और प्रदर्शन की सतत माॅनिटरिंग भी की जायेगी।

दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में अब केवल पद पर बने रहना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संगठन विस्तार, जनसंपर्क, आंदोलनात्मक गतिविधियों और पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका को प्रमुख मापदंड माना जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला अध्यक्षों को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर तीन श्रेणियों,ग्रीन, यलो और रेड में वर्गीकृत किया जाएगा। ग्रीन कैटेगरी में वे अध्यक्ष होंगे जिनका प्रदर्शन संतोषजनक और प्रभावी रहेगा और जिन्होंने संगठन को मजबूत करने में ठोस काम किया होगा।

इसी तरह यलो कैटेगरी में औसत कामकाज करने वाले अध्यक्ष रखे जाएंगे, जिनसे बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा की जाएगी। वहीं रेड कैटेगरी में लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिला अध्यक्षों को रखा जाएगा। पीसीसी चीफ बैज ने स्पष्ट किया कि रेड श्रेणी में आने वाले पदाधिकारियों को पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा। यदि तय समयावधि में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संगठनात्मक बदलाव किया जा सकता है।