Special Story

कोल लेवी प्रकरण में नई चार्जशीट, शेल फर्मों से 40 करोड़ की लेयरिंग का खुलासा

कोल लेवी प्रकरण में नई चार्जशीट, शेल फर्मों से 40 करोड़ की लेयरिंग का खुलासा

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर द्वारा…

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित…

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को गृह और पंचायत मंत्री विजय शर्मा…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

प्रधानमंत्री के राजभवन में रूकने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला प्रतिनिधिमंडल, लगाया शासकीय तंत्र के दुरुपयोग का आरोप

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजभवन में रात्रि विश्राम को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज की है. इसकी शिकायत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में की है. साथ ही प्रधानमंत्री को राजभवन मे नहीं रोकने की मांग की है. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री के राजभवन में रूकने को लेकर कहा कि ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है क्योंकि राजभवन को संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल का निवासी स्थान है. ऐसे में राज्य के संविधान एक प्रमुख के निवास पर प्रधानमंत्री का रात्रि विश्राम करना सीधे सीधे पूरे राज्य के प्रदाताओं को और पूरी सरकारी मशीनरी को प्रभावित करेगा और यह निष्पक्ष चुनाव की परिस्थितियों को दूषित करेगा.

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव के परिस्थितियों को प्रभावित करने की भाजपा की यह चाल है, जिसका हम विरोध करते हैं. हम मांग करते हैं कि निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री की रात्रि विश्राम के लिए उनकी गरिमा और उनकी सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप राजभवन की जगह किसी और अन्य जगहों में प्रोटोकाल के अनुसार सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करें. उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री राजभवन में रुकते हैं और एक भी लोकसभा से भाजपा के प्रत्याशी विजयी होते हैं तो हम सीधा न्यायालय जाएंगे.

हमने हमारी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है अगर हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो न्यायालय जाएंगे.हमारी मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कहना है कि हम निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांग रहे हैं जैसे वहां से निर्देश मिलेगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी.