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फर्जी लेटर पैड से कृषि मंत्री के खिलाफ पीएमओ में शिकायत: बीजेपी नेता ने दर्ज कराई FIR

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम को बदनाम करने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फर्जी लेटर पैड के जरिये प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति भवन समेत करीब 80 से 90 जगहों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें भेजी गईं। यह शिकायतें महाराष्ट्र के एक हिंदू संगठन नेता के फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर के साथ भेजी गई थीं।

मामले की भनक लगते ही भारतीय जनता पार्टी ने गंभीर रुख अपनाया। पार्टी नेता राहुल हरितवाल ने 1 अगस्त को रायपुर के राखी थाना में इस फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच में दो से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।

राहुल हरितवाल के मुताबिक, उन्हें जब यह फर्जी शिकायतें डाक से भेजे जाने की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत महाराष्ट्र के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत संघचालक सुनील घनवट से संपर्क किया। घनवट ने स्पष्ट तौर पर इन शिकायतों से खुद का कोई लेना-देना होने से इनकार कर दिया और इसे गंभीर साजिश बताया।

इसके बाद सुनील घनवट ने पुणे पुलिस में इस फर्जीवाड़े को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

साजिश के पीछे कौन?

पुलिस सूत्रों की मानें तो मामले में कई तकनीकी सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि शिकायतें सुनियोजित तरीके से कई संवेदनशील ठिकानों पर भेजी गई थीं, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैल सके।

राजनीतिक साजिश की आशंका

चूंकि मामला सीधे तौर पर राज्य सरकार के मंत्री से जुड़ा है, इसलिए भाजपा इसे एक “राजनीतिक साजिश” मान रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के कृत्य से ना सिर्फ मंत्री की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई, बल्कि संवैधानिक संस्थानों को भी भ्रमित करने का प्रयास हुआ। राखी थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और पोस्टल ट्रैकिंग के जरिए जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।