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Shiv Mar 12, 2026 7 min read

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संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को मिला बड़ा नक्सली डम्प

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बच्चों से पुताई करवाने वाली प्राचार्या हटाई गई, आरटीई सीटें घटाने पर हाईकोर्ट ने मांगा हलफनामा

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गैस सिलेंडर की किल्लत पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में हंगामा, 35 सदस्य स्वमेव निलंबित

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March 12, 2026

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जो कहेंगे सच कहेंगे

AIMIM नेता ओवैसी के बयान पर CM के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने किया पलटवार, कहा – अपनी नाक यहां न घुसेड़े

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड ने मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज से पहले दिए जाने वाले उपदेशों पर निगरानी रखने का निर्देश जारी किया है. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने मुतवल्लियों (मस्जिद देखभालकर्ताओं) को निर्देश दिया है कि जुमे की नमाज से पहले दिए जाने वाले भाषणों की सामग्री वक्फ बोर्ड को अवगत कराई जाए और उसकी सहमति ली जाए. इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति गरमा गई है.

एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने इस आदेश को संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन बताते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा है. वहीं ओवैसी के बयान पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड एक स्वायत्त संस्था है और यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है.

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार का वक़्फ़ बोर्ड चाहता है के जुम्माह का खुतबा देने से पहले खतीब अपने खुतबे की जाँच वक़्फ़ बोर्ड से करवायें और बोर्ड की इजाज़त के बिना खुतबा ना दें.अब भाजपाई हमें बतायेंगे के दीन क्या है? अब अपने दीन पर चलने के लिए इनसे इजाज़त लेनी होगी? वक़्फ़ बोर्ड के पास ऐसी कोई क़ानूनी ताक़त नहीं, अगर होती भी तो भी वो संविधान के दफा 25 के ख़िलाफ़ होती.

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने ओवैसी की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि सबसे पहली बात तो यह मियां कि वक्फ बोर्ड किसी सरकार के सीधे अधीन नहीं होता. छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड में अभी अधिकतर सदस्य आपकी कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए ही हैं. काफी हद तक यह स्वायत्त होता है. आपसे बड़ा ही कोई दीनी होगा, जो उसके सदर होंगे. दीन और कथित ईमान के बारे में आपसे बोर्ड को सीखने की जरूरत तो होगी नहीं.

जहां गुंडागर्दी से अपनी निजाम कायम रखे हैं आप, वहीं रहिए कृपया. छत्तीसगढ़ में आग लगाने की इजाजत आपको नहीं दी जायेगी. यहां कानून-व्यवस्था हर हाल में बहाल रखी जायेगी. यहां संविधान किसी भी मजहब से ऊपर माना जाता है. आर्टिकल 25 की धमकी कहीं और उपयोग करें.

तारीख गवाह है कि मस्जिद से दी गयी तकरीरों के कारण अनेक बार फसाद हुए हैं. लोगों के घर-बार उजड़े हैं. सो अगर बोर्ड के अध्यक्ष को, जो जाहिर है – मुस्लिम होने के कारण ही – दीन की आपसे अधिक समझ रखते हैं, लगा होगा कि ऐसे किसी बयानों पर नजर रखनी चाहिये, तो यह हमारे प्रदेश का आपसी विषय है. यह लॉ एंड ऑर्डर का मुआमला है. इसमें अपनी नाक नहीं घुसेड़े यही आग्रह है.

देखें पंकज कुमार झा की ट्वीट