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कोटवार के पद पर खानदानी हक नहीं, योग्यता और चरित्र ही अहम…

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोटवारों की नियुक्ति को लेकर कहा है…

नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : मंत्री रामविचार नेताम

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Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास…

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति : बंद खाते या आधार सीडिंग न होने से अटकी है छात्रवृत्ति तो 15 मार्च तक सुधरवाने का मौका

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Shiv Mar 12, 2026 2 min read

रायपुर। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित…

समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

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Shiv Mar 12, 2026 10 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी के…

March 12, 2026

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सूरजपुर की घटना पर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- मुख्य अपराधी की गाड़ी में एनएसयूआई का नेम प्लेट, इससे क्या अंदाजा लगाएं…

जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान सूरजपुर की घटना को लेकर कहा कि लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए, इसके लिए शासन-प्रशासन है, और कानून है. इसके साथ उन्होंने कहा कि मुख्य अपराधी के गाड़ी में एनएसयूआई पदाधिकारी का नेम प्लेट लगा है, इससे क्या अंदाजा लगाया जाए. 

बता दें कि रविवार को सूरजपुर के चौपाटी में एक पुलिसकर्मी से कुलदीप साहू ने यह कहते हुए बहस किया था कि ‘तुम्हारी पुलिस मेरे जीना हराम कर रखी है’. जिसपर आरक्षक ने कहा ‘मैं तो एक आरक्षक हूं, वरिष्ठ अधिकारी जो कर रहे होंगे, मुझे क्या पता.’ इस पर उसने होटल में कढ़ाई में खौलते हुआ तेल को आरक्षक पर फेंक दिया था, जिससे वह पूरी तरह से झुलस गया. इसके बाद उसे इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया.

मामले की जानकारी होने के बाद कुलदीप के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई. इस दौरान अंधेरे में वह एक कार में बैठा हुआ था. उसने पैदल खोजबीन कर रहे पुलिस वालों को देखते ही उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया.

इसी बीच शहर से बाहर महगंवा स्थित प्रधान आरक्षक तालिब शेख के किराए के मकान का दरवाजा तोड़कर कुलदीप अंदर घुस गया. इस पर तालिब शेख की पत्नी ने अपने पति को कॉल किया, लेकिन बात नहीं हो पाई. उसके बाद तालिब शेख ने भी अपनी पत्नी से कांटेक्ट करने की कोशिश की, लेकिन फिर भी बात नहीं हो पाई.

इस पर प्रधान आरक्षक को अंदेशा हुआ और घर पहुंचा. जहां प्रधान आरक्षक शेख ने देखा कि घर में खून फैला हुआ था, बीवी और बच्ची घर पर नहीं थे. वहीं घर के बाहर चाकू मिला और काफी सरगर्मी से तलाश शुरू की गई तो पत्नी और बेटी की लाश शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर मिली.