Special Story

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

विद्युत विभाग की कार्रवाई: 81 कनेक्शन काटे, बकायादारों में हड़कंप

Shiv Mar 7, 2026 2 min read

बिलासपुर। बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग…

छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 7, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के…

March 8, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी पर CM साय ने लिया संज्ञान, कहा- ‘जरूरत पड़ी तो करेंगे बदलाव’

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद–फरोख्त के लिए जारी नई कलेक्टर गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कई जिलों में गाइडलाइन दरों में 100% तक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 800% तक पहुंच गई है। अचानक बढ़े इन दरों को लेकर आम जनता, व्यापारी, किसान और राजनीतिक दल खुलकर विरोध जता रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गाइडलाइन दरों को लेकर अभी भी विभागीय मंथन जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है।

2017 के बाद से जमीन की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं – CM साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि नियमों के अनुसार हर साल इन दरों में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन बढ़ने के कई सकारात्मक पहलू भी हैं, परंतु वे अभी जनता के सामने उतने स्पष्ट रूप से नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा होती है तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और लोगों को राहत देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगी।

गौरतलब है कि राज्य में नई गाइडलाइन का विरोध लगातार बढ़ रहा है और सरकार पर दबाव भी। ऐसे में आने वाले दिनों में गाइडलाइन दरों में संशोधन या राहत देने संबंधी कोई निर्णय लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में जमीन दरों को लेकर जारी यह खींचातानी अब प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।