CM साय ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के व्यापार पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान विशेष रूप से साइबर अपराध और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ बढ़ रहे साइबर अपराधों और नशे के नेटवर्क के खिलाफ समन्वित और निरंतर कार्रवाई जरूरी है।
बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध आज समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बन चुका है। अपराधियों के तौर-तरीके लगातार बदल रहे हैं, ऐसे में पुलिस को आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि आम जनता को जागरूक करने के लिए निरंतर साइबर अवेयरनेस अभियान चलाए जाएं ताकि लोग ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि लोग किसी भी ऑनलाइन ठगी या अपराध की सूचना तत्काल दे सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हैं और 9 नए साइबर थानों का संचालन शीघ्र शुरू किया जाएगा। इससे डिजिटल अपराधों की जांच और नियंत्रण में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है। पुलिस, बैंकिंग सेक्टर, दूरसंचार कंपनियों और आईटी विभाग के बीच सतत सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल-कॉलेजों और पंचायत स्तर पर भी साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि समाज के हर वर्ग तक सही जानकारी पहुंच सके।






