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बेटी ने निभाया पुत्र धर्म: समाज की रूढ़ियों को तोड़कर दी मां चिता को अग्नि दी

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ShivApr 4, 20252 min read

खैरागढ़।  बच्चों का कर्तव्य केवल परंपराओं तक सीमित नहीं होता,…

परिवहन पोर्टल के द्वारा घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

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ShivApr 4, 20253 min read

रायपुर।   छत्तीसगढ़ शासन, परिवहन विभाग द्वारा आम नागरिकों को दी…

नाला किनारे चल रहा था महुआ शराब कारखाना, पुलिस की दबिश में मिला अवैध शराब का जखीरा

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ShivApr 4, 20252 min read

कोरबा। ऊर्जाधानी में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम ही…

पार्टी के खिलाफ गतिविधियों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पर की गई कार्ड, छह साल के लिए किए गए निष्कासित…

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ShivApr 4, 20251 min read

रायपुर। त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों पर…

April 4, 2025

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राष्ट्रीय विचारों के अग्रदूत माधव सदाशिव गोलवलकर ‘गुरु जी’ की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक, महान विचारक और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक माधव सदाशिव गोलवलकर ‘गुरु जी’ की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गोलवलकर जी ने राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और समाजिक समरसता के सिद्धांतों को मजबूत आधार प्रदान किया। उनका जीवन भारत की सनातन परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करने के लिए समर्पित था। उनकी विचारधारा ने देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र-सेवा और सामाजिक उत्थान के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरुजी का जीवन भारत की संस्कृति, परंपरा और अखंडता को मजबूत करने का एक प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने संगठन शक्ति के माध्यम से राष्ट्र के पुनर्निर्माण का जो संकल्प लिया, वह आज भी हमें प्रेरित करता है। उनकी दूरदर्शी सोच और विचारधारा देश को सशक्त बनाने में सदैव प्रासंगिक रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोलवलकर जी का योगदान भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक पुनरुत्थान में अविस्मरणीय है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र प्रथम की भावना के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और मूल्य राष्ट्रवादी सोच, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि गोलवलकर जी के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के उत्थान और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि उनके आदर्शों को अपनाकर हम आत्मनिर्भर, समरस और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।