Special Story

जशपुर में डेढ़ करोड़ की सड़क पर बवाल, खराब निर्माण पर विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार

जशपुर में डेढ़ करोड़ की सड़क पर बवाल, खराब निर्माण पर विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार

Shiv Mar 15, 2026 1 min read

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर में बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना…

मंत्री रामविचार नेताम का मंच से तंज: “कलेक्टर के आने से अमर अग्रवाल की सीट खतरे में”

मंत्री रामविचार नेताम का मंच से तंज: “कलेक्टर के आने से अमर अग्रवाल की सीट खतरे में”

Shiv Mar 15, 2026 2 min read

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में आयोजित गोधन योजना के उद्घाटन कार्यक्रम…

अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर: LPG सप्लाई घटी, एजेंसियों को मिल रहे 20-25% कम सिलेंडर

अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर: LPG सप्लाई घटी, एजेंसियों को मिल रहे 20-25% कम सिलेंडर

Shiv Mar 15, 2026 2 min read

रायपुर। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर…

सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सिंधी समाज की एकजुटता सराहनीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 14, 2026 3 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ी…

March 15, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

मुख्यमंत्री श्री साय ने बाल विवाह रोकने महिलाओं को दिलाई शपथ

रायपुर।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित महतारी वंदन सम्मेलन में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं बाल विवाह रोकथाम संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किये। अभियान का संचालन प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से किया जाएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के ब्रोशर का अनावरण किया और महिलाओं को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों और महिलाओं ने, बाल विवाह नहीं करवाने, समाज में बाल विवाह के रूप में व्याप्त बुराई का सदा विरोध करने और बाल विवाह रोकने के लिए आमजन को जागरूक करने का संकल्प लिया।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 12.1 प्रतिशत बालिकाओं का विवाह 18 वर्ष से कम आयु में हो जाता है। इसमें सूरजपुर जिले में सर्वाधिक 34.28 प्रतिशत, बलरामपुर में 24.60 प्रतिशत, कोरिया जिले में 22.89 प्रतिशत और जशपुर जिले में 21.90 प्रतिशत बाल विवाह होता है। बाल विवाह के इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के माध्यम से जन भागीदारी को मूल मंत्र मानते हुए समुदाय में बाल विवाह के विरुद्ध एक अभियान चलाया जाएगा। जिसमें पंचायत राज संस्थानों व नगरीय निकाय के जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों, युवा संगठनों, शासकीय विभागों, गौर शासकीय संस्थाओं और आमजनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। समाज की सहभागिता से आगामी तीन वर्षों में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सामाजिक जागरूकता एवं गतिशीलता, किशोर सशक्तिकरण, मीडिया संवेदीकरण के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के विषय में जनजागरूकता लाई जाएगी।