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दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

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बालोद और बेमेतरा कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

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शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री का कलेक्टरों को कड़ा निर्देश

रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में शिक्षा विभाग की प्रगति और आगामी योजनाओं पर विशेष समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टरों को स्कूल शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के समन्वय को मजबूत करने तथा राज्य में बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि स्कूलों में ड्रॉप-आउट कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य में बच्चों की शिक्षा को सशक्त करने के लिए Gross Enrolment Ratio (GER) को बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक पहुँचाना लक्ष्य बनाया गया है। कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि प्रत्येक बच्चे का स्कूल में पंजीकरण हो और वह नियमित रूप से उपस्थित रहे।

महिला बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। बाल वाडियों और आंगनबाड़ियों को सक्रिय करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा गया कि बच्चों के लिए उपलब्ध शिक्षण सामग्री अलमारियों में बंद न रह जाए, बल्कि उनका समुचित उपयोग बच्चों को पढ़ाने में किया जाए।

स्थानीय भाषा में शिक्षा का मॉडल

बीजापुर जिले के मॉडल की तारीफ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ 10 से 12वीं पास स्थानीय युवाओं की सेवाएँ लेकर बच्चों को कक्षा 1 से 5 तक स्थानीय बोली ‘गोंडी’ में पढ़ाया जा रहा है। इस पहल से बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉप-आउट दर में कमी आई है। स्थानीय भाषा में प्राथमिक शिक्षा देने के इस मॉडल को अन्य जिलों में भी अपनाने पर विचार किया जा रहा है।

आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने हायर स्कूल मैनेजमेंट (HCM) के निर्देशानुसार यह भी कहा कि 31 दिसंबर तक सभी स्कूली विद्यार्थियों का APAR ID बनाया जाए। इससे प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक प्रगति का ऑनलाइन ट्रैक रखा जा सकेगा और शिक्षा विभाग को बच्चों की उपस्थिति, उपलब्धियों और कमजोर क्षेत्रों का आंकलन करने में मदद मिलेगी।कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार का लक्ष्य सभी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना और स्कूलों में ड्रॉप-आउट दर को न्यूनतम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में सुधार से ही “सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़” का सपना साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के तालमेल से  शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ेगी। NEP के अनुसार 2030 तक GER को 100% करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं शिक्षादूत के माध्यम से स्थानीय भाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बीजापुर की तारीफ की गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ई विद्या में डीटीएच के 5 चैनल के माध्यम और यू ट्यूब से पढ़ाई होगी।

प्रदेश में सभी अध्ययनरत बच्चों के लिए 12 अंकों का आधार बेस्ड अपार आईडी बनेगा, 31 दिसंबर तक शत प्रतिशत रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा, जो ये डिजिलॉकर से कनेक्ट रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपार में रजिस्ट्रेशन के माध्यम से बच्चों को छात्रवृत्ति,गणवेश और किताबें वितरित होंगी । मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान में सभी शालाओं में सामाजिक अंकेक्षण कर शालाओं की ग्रेडिंग होगी। दसवीं बोर्ड एग्जाम में दसवीं बोर्ड परीक्षा में दन्तेवाड़ा में 9.32 फीसदी की वृद्धि, जिला प्रशासन के सहयोग से स्कूलों में  बेहतर रिजल्ट आया है।