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रायपुर में खुलेगा छत्तीसगढ़ का पहला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान, सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पहल से युवाओं के लिए रोजगार का नया अध्याय

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। राजधानी रायपुर में राज्य का पहला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) खोले जाने का रास्ता साफ हो गया है। यह महत्वपूर्ण जानकारी लोकसभा में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने दी है।

कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री जयंत चौधरी ने अपने बताया कि, रायपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। भूमि उपलब्ध होते ही इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पीएम-सेतु योजना के तहत मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण

केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगारपरकता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना के अंतर्गत देशभर में आईटीआई और एनएसटीआई को आधुनिक, उद्योग-अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि रोजगार से सीधे जोड़ना है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस विषय को लोकसभा में गंभीरता से उठाते हुए छत्तीसगढ़ में आईटीआई के उन्नयन, नए युग के पाठ्यक्रम, उद्योग सहभागिता और शिक्षुता के अवसरों को लेकर सरकार से मांग की थी। जिसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने राज्य में एनएसटीआई स्थापना की मंशा स्पष्ट की है।

युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण

एनएसटीआई की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण मिलेगा। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, उन्नत तकनीकी ट्रेड, प्रशिक्षकों का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और उद्योग आधारित कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी।

छत्तीसगढ़ में कौशल विकास को मिली नई दिशा

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योग सहभागिता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। मॉडल आईटीआई योजना के अंतर्गत भिलाई के शासकीय आईटीआई का उन्नयन भिलाई स्टील प्लांट के सहयोग से किया गया है, वहीं सार्वजनिक-निजी भागीदारी योजना के अंतर्गत राज्य में 42 आईटीआई का उन्नयन हो चुका है।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2022-23 से दिसंबर 2025 तक छत्तीसगढ़ में 21 हजार से अधिक शिक्षुओं को उद्योगों में प्रशिक्षण का अवसर मिला है, जिनमें बड़ी संख्या आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं की है।

राज्य में कुल 215 सरकारी और निजी आईटीआई एवं आईटीसी में 728 ट्रेड में 32072 सीटें है जिनमें 23970 छात्र नामांकित हैं।

बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य सरकार से की त्वरित पहल की अपील

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि एनएसटीआई के लिए शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि यह महत्वपूर्ण परियोजना जल्द धरातल पर उतर सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ को इस राष्ट्रीय प्रयास से जोड़ना उनकी प्राथमिकता रही है और आगे भी वे राज्य के हित में ऐसे मुद्दे संसद में मजबूती से उठाते रहेंगे।

विकसित भारत में छत्तीसगढ़ की मजबूत भागीदारी

सांसद बृजमोहन अग्रवाल कहना है कि, एनएसटीआई की स्थापना से छत्तीसगढ़ न केवल कौशल विकास के राष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से उभरेगा, बल्कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प में राज्य की भूमिका और भी मजबूत होगी। यह संस्थान आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगा।