Special Story

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

रायपुर स्मार्ट सिटी के काम की होगी जांच, ध्यानाकर्षण के दौरान मंत्री अरुण साव ने की घोषणा…

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को ध्यानाकर्षण…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट, नागरिकों की मदद के लिए नोडल अधिकारी किया नियुक्त, हेल्पलाइन नंबर भी जारी…

Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मिडिल-ईस्ट…

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

अफीम की खेती केस में बड़ी कार्रवाई : BJP नेता के भाई के अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव: मुख्यमंत्री साय और डिप्टी सीएम साव का बड़ा बयान

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. दोनों चुनाव के मद्देनज़र आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. हालांकि, इस मुद्दे पर सियासत भी तेज है. इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम अरुण साव का बड़ा बयान सामने आया है. एक ओर मुख्यमंत्री ने आरक्षण प्रक्रिया को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप और अन्य राज्यों से बेहतर बताया, तो वहीं डिप्टी मुख्यमंत्री ने चुनाव की संभावित तारीखों को लेकर सरकार की मंशा साफ करते हुए कहा कि 18 जनवरी के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरक्षण और पंचायती राज विधेयक संशोधन को लेकर कहा कि जो आरक्षण लागू हुआ है. यह उच्चतम न्यायालय के अनुसार हुआ है. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई इसे कोर्ट में चुनौती देता है, तो उसपर बंदिश नहीं है. कोर्ट न्याय करेगा. इसमें कुछ भी गलत नहीं हुआ है. बल्कि और प्रदेशों से अच्छा हमने किया है. कई प्रदेशों में ऐसा प्रयास नहीं हुआ, जिसके कारण ओबीसी आरक्षण शून्य भी करना पड़ा. यहां इसपर बेहतर और बहुत अच्छे से काम किया गया है.’

डिप्टी सीएम अरुण साव ने आगामी चुनावों की तारीखों को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि 18 जनवरी के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है. सरकार की मंशा है कि फरवरी में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत दोनों चुनाव एक साथ कर लें. इस मंशा से राज्य निर्वाचन आयोग को अवगत करा दिया गया है. राज्य सरकार ने अपने जिम्मे का काम चुनाव की दृष्टि से पूरा कर लिया है. पदों के आरक्षण का कार्य पूरा हो चुका है, अब आगे की कार्यवाही राज्य निर्वाचन आयोग को करनी है. मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 18 जनवरी तक बढ़ाई गई है.