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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: बोरे-बासी घोटाले की जांच करेगी विधायकों की समिति, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने की सदन में घोषणा…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए कथित बोरे-बासी घोटाले की जांच विधायकों की समिति करेगी. विधानसभा में आज इस मुद्दे को भाजपा विधायक राजेश मूणत, अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह ने जोर-शोर से उठाया. विधायकों की मांग पर श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में विधायकों की एक टीम बनाकर जांच कराने की घोषणा की.

जानिए कैसे बोरे-बासी के नाम पर हुआ करोड़ों का खेल

कांग्रेस शासनकाल के दौरान 1 मई यानी श्रमिक दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ी खान-पान को बढ़ावा देने बोरे-बासी खिलाने का प्रावधान किया गया. इस तामझाम में भूपेश बघेल की सरकार ने 8 करोड़ से अधिक खर्च कर दिया था. इसका खुलासा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से हुआ है.

दस्तावेजों के अनुसार, सिर्फ राजधानी रायपुर में बोरे-बासी खिलाने पर 8 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई थी. वह भी बिना किसी सरकारी निविदा के खर्च की गई. आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 में बैगर निविदा के 3 करोड़ का कार्य मेसर्स शुभम किराया भंडार से कराया गया. वहीं वर्ष 2023 में बगैर निविदा के 8 करोड़ 32 लाख का कार्य मेसर्स व्यापक इंटरप्राईजेस से कराया गया. यह सिलसिला वर्ष 2024 में भी जारी रहा, जब बैगर निविदा के लगभग 3 करोड़ का कार्य मेसर्स व्यापक इंडरप्राईजेस से कराया गया.

आरटीआई कार्यकर्ता ने उठाया भ्रष्टाचार का आरोप

आरटीआई कार्यकर्ता आशीष सोनी ने इस मामले में आरोप लगाया कि इसमें बड़े पैमाने पर मिलीभगत हुई है. उन्होंने कहा कि 1 मई को श्रमिक दिवस के मौके पर एक बार फिर वही चहेती इवेंट कंपनी को बिना निविदा कार्य दिया जा रहा है.