छत्तीसगढ़ी सिनेमा की पहली पैन-इंडिया फिल्म—‘GANGS OF RAIPUR’ कल 28 नवंबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीज़
रायपुर। छत्तीसगढ़ सिनेमा के इतिहास में पहली बार एक क्षेत्रीय फिल्म को पैन-इंडिया स्तर पर रिलीज़ करने की तैयारी की जा रही है। GANGS OF RAIPUR—जिसे Tribal Warrior Productions ने प्रस्तुत किया है तथा KSK फिल्म वर्क्स और दीपेश कुकरेजा प्रोडक्शन ने सह-प्रस्तुति दी है—क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक नई दिशा तय करने जा रही है।
फिल्म का निर्देशन और लेखन के शिव कुमार ने किया है। प्रोड्यूसर और क्रिएटिव डायरेक्टर की जिम्मेदारी साजिद खान ने निभाई है, जबकि दिपेश कुक्रेजा को-प्रोड्यूसर हैं। मयंक रायकवार फिल्म के एडिटर और एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर की भूमिका में हैं।
आधुनिक तकनीक और ग्लोबल स्टैंडर्ड के साथ तैयार इस फिल्म में एक्शन, ड्रामा, रोमांस, इमोशन और कॉमेडी का पूरा मिश्रण देखने को मिलेगा। फिल्म में रायपुर की संस्कृति, गलियों और प्रमुख स्थलों को एक नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया है। इसकी सिनेमैटोग्राफी और पोस्ट-प्रोडक्शन का पूरा काम चेन्नई में किया गया है, ताकि फिल्म को इंटरनेशनल-लेवल का विजुअल ट्रीटमेंट मिल सके।
लीड रोल में शील वर्मा नजर आएंगे, जबकि ध्रुवादित्य भगवानानी सेकेंड लीड में दिखाई देंगे। फिल्म में बॉलीवुड के अनुभवी कलाकार गोपाल के सिंह और राजीव वर्मा भी अहम किरदार निभा रहे हैं।
फिल्म की सबसे खास बात यह है कि यह छत्तीसगढ़ में पहली बार मेडिकल टैबलेट के नशे जैसे संवेदनशील और कम चर्चा वाले मुद्दे को उठाती है। फिल्म के निर्माताओं ने इस विषय पर चार वर्षों तक विस्तृत रिसर्च की। दूसरी लहर के लॉकडाउन के बाद टीम ने मनोवैज्ञानिकों, डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की, जहाँ पता चला कि यह नशा विशेषकर नाबालिगों में तेजी से फैल रहा है और इसके दुष्परिणाम अत्यंत खतरनाक हैं। चूँकि ये टैबलेट चिकित्सकीय उपयोग के लिए प्रिस्क्रिप्शन पर ही मिलते हैं, इसलिए इस पर रोक लगाना सरकार के लिए भी चुनौतीपूर्ण है।
इन सभी पहलुओं को दर्शाने वाली GANGS OF RAIPUR को 28 नवंबर को छत्तीसगढ़ के सभी सिनेमाघरों में रिलीज़ किया जा रहा है। यह फिल्म न केवल मनोरंजन प्रदान करेगी, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर मुद्दे को भी उजागर करेगी। मौजूद समीक्षकों और फिल्म प्रेमियों के अनुसार, यह छत्तीसगढ़ सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।






