Special Story

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

छत्तीसगढ़ कैम्पा ढकवाएगा 1000 से अधिक खुले कुएं, ₹3.5 करोड़ स्वीकृत

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और सराहनीय पहल सामने आई है। छत्तीसगढ़ कैम्पा (प्रतिकारात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) ने वन क्षेत्रों के आसपास स्थित 1068 खुले कुओं को ढकने के लिए ₹3.47 करोड़ की राशि मंजूर की है। यह राशि राज्य के विभिन्न जिलों को आवंटित की जा चुकी है और कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है।

इस योजना को वर्ष 2025-26 के एनुअल प्लान ऑफ ऑपरेशन में शामिल करते हुए छत्तीसगढ़ कैम्पा ने नेशनल कैम्पा को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिलते ही राशि जारी कर दी गई है। इन कुओं को बाउंड्रीवाल और ग्रिल से सुरक्षित किया जाएगा, ताकि वन्यजीव उसमें गिरकर घायल न हों या उनकी मृत्यु न हो।

वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी की भूमिका अहम

इस दिशा में काम के लिए रायपुर के वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी की वर्षों की मेहनत और प्रयास को श्रेय दिया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2021 में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के खुले कुओं में गिरने की घटनाओं से अवगत कराया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ वन विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।उनकी ही मांग पर वर्ष 2022 में भारत सरकार ने देशभर के सभी मुख्य वन्यजीव संरक्षकों को खुले कुओं को ढकने के निर्देश जारी किए थे, जिसका अब प्रभाव छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है।

कांकेर मॉडल बना उदाहरण

गौरतलब है कि पिछले वर्ष कांकेर जिले के कांकेर, सरोना, चारामा और नरहरपुर रेंज में कैम्पा मद से 1165 कुओं को ढका गया था, जिससे वन्यजीवों के दुर्घटना की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई। इस सकारात्मक परिणाम को देखते हुए अब यह मॉडल राज्य के अन्य वन क्षेत्रों में भी अपनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ कैम्पा ने निर्देश दिए हैं कि जिन कुओं का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें ग्रामवासियों के सहयोग से भरवाया जाए, ताकि वन्यजीवों के साथ-साथ ग्रामीणों की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

कैम्पा की पहल से सुरक्षित होगा जंगल का जीवन

छत्तीसगढ़ कैम्पा की इस पहल से न केवल वन्यजीवों की जान बचेगी, बल्कि यह राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी कम करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में यह कार्य अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।