Special Story

मंत्री टंक राम वर्मा के राजस्व विभाग की 3502 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित

मंत्री टंक राम वर्मा के राजस्व विभाग की 3502 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें विधानसभा में पारित

Shiv Mar 13, 2026 4 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा…

बीज निगम की खरीदी पर सवाल, विधानसभा में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया

बीज निगम की खरीदी पर सवाल, विधानसभा में भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया

Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही के दौरान रायगढ़ जिले में अलसी बीज वितरण में कथित भ्रष्टाचार…

मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर विधानसभा में हंगामा, मंत्री ने दी प्रस्तावों की जानकारी

मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर विधानसभा में हंगामा, मंत्री ने दी प्रस्तावों की जानकारी

Shiv Mar 13, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को कांग्रेस विधायक…

दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

दूध उत्पादन से लेकर चिराग योजना तक सरकार पर विपक्ष के सवाल, मंत्री ने जांच की घोषणा

Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 10वें दिन सदन में पशुपालन…

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों के लिए 01 हजार 823 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित

Shiv Mar 12, 2026 5 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा…

March 13, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक पारित

रायपुर।    छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया विनियोग विधेयक 2024-25 आज विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया। इस मौके पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते कहा कि किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार जीएसडीपी से निर्धारित होता है और इस वित्तीय वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 6.56 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024.25 के लिए विनियोग का आकार 01 लाख 60 हजार 568 करोड़ रूपए का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुर्नप्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 01 लाख 47 हजार 446 करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 01 लाख 24 हजार 840 करोड़ एवं पूंजीगत व्यय 22 हजार 300 करोड़ है।

राज्य के स्वयं के करों का राजस्व वर्ष 2023-24 में 38 हजार करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 में बढ़कर 49 हजार 700 करोड़ अनुमानित (31 प्रतिशत वृद्धि) राज्य के स्वयं का करेत्तर राजस्व वर्ष 2023-24 में 18 हजार 200 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 18 हजार 700 करोड़ अनुमानित (3 प्रतिशत वृद्धि) इस प्रकार राज्य का स्वयं का कुल राजस्व वर्ष 2023-24 में 56 हजार 200 करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 में बढ़कर 68 हजार 400 करोड़ अनुमानित (22 प्रतिशत वृद्धि) केन्द्रीय प्राप्तियां वर्ष 2023-24 में रु. 49 हजार 800 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 57 हजार 500 करोड़ अनुमानित (15 प्रतिशत वृद्धि) इस प्रकार गत वर्ष की तुलना मे केन्द्रीय प्राप्तियां 15 प्रतिशत एवं राज्य की स्वयं की राजस्व प्राप्तियां 22 प्रतिशत की दर से वृद्धि का अनुमान है।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2023-24 में कुल व्यय रूपये 01 लाख 21 हजार 500 करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 हेतु 21 प्रतिशत वृद्धि के साथ 01 लाख 47 हजार 446 करोड़ अनुमानित है। वर्ष 2023-24 में पूंजीगत व्यय रुपये 18 हजार 660 करोड़ की तुलना में वर्ष 2024-25 हेतु 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ 22 हजार 300 करोड़ अनुमानित है तथा वर्ष 2024-25 में राजस्व आधिक्य 1 हजार 66 करोड़ रूपए अनुमानित है। इसमें चिरमिरी रेल लाइन के लिए 120 करोड़ रूपए, बिलासपुर सिम्स के लिए 700 करोड रूपए तथा रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 776 करोड रुपए का प्रावधान शामिल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) के लिए पूरी तरह समर्पित

चर्चा के दौरान ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को मोदी की गारंटी के अनुसार विकासशील से विकसित राज्य की तरफ ले कर जाना है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसके लिए बजट में खास प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख घरों के निर्माण के लिए इस बजट में 8,369 करोड़ रुपये का प्रावधान है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को पोषित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रति वर्ष 12,000 रुपये सहायता का प्रावधान है। कृषक उन्नति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है इससे 24.72 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। गत वर्ष की तुलना में 02 लाख 30 हजार अधिक किसान लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण घरों को नल से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 4,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को गत वर्ष 4000 रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान की व्यवस्था की गयी है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को गत वर्ष के 7000 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 10,000 रुपये वार्षिक भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है। श्री रामलला दर्शन योजना अंतर्गत प्रदेशवासियों को अयोध्या धाम क यात्रा के लिए 35 करोड़ रुपये तथा छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार के लिए के क्रियान्वयन का प्रावधान है।

अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन @2047

चर्चा के दौरान ओपी चौधरी ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है और इसके लिए पक्ष एवं विपक्ष को मिलकर कार्य करना होगा। इसके लिए सेवा एवं उद्योग क्षेत्र को गति देने की आवश्यकता है ताकि राज्य आर्थिक उन्नति कर सके और राज्य बड़े लक्ष्यो की प्राप्ति कर सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भारत की आजादी की 100वीं वर्षगांठ में वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ राज्य को हम विकासशील से विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। इसके लिए 1 नवंबर 2024 को अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन @2047 पेश किया जाएगा।

सीजीपीएससी में सुधार आयोग का गठन

वित्त मंत्री ने विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सीजीपीएससी एग्जाम प्रक्रिया को बेहतर किया जाएगा। इसके लिए एक रिफार्म कमेटी ( सुधार आयोग) का गठन किया जाएगा साथ ही छत्तीसगढ़ के युवाओं के हितों का भी खास ध्यान रखा जाएगा ताकि राज्य के युवाओं को यूपीएससी की भी तैयारी में लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सीजीपीएससी में छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति पर आधारित प्रश्न पत्रों का समावेश किया जाएगा स्थानीय छत्तीसगढ़िया युवाओं के हितों की रक्षा की जा सके और बेस्ट ट्रांसपेरेंट मॉडल अप्लाई किया जा सके।

विष्णुदेव साय की सरकार दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को समर्पित सरकार

ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को समर्पित सरकार है और सभी के लिए विकास करने वाली सरकार है। इनके लिए किसी को भी चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इनके लिए यदि बजट में कमी हुई तो हम अनुपूरक बजट का भी इंतजार नहीं करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर संचित निधि से एडवांस में 24 घंटे के अंदर काम को स्वीकृति प्रदान करेंगे।