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March 9, 2026

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चकरभाठा के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, मृतक की पत्नी, सास और साढ़ू निकले हत्यारे

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में हुए एक ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को पुलिस ने ऑपरेशन “प्रहार” के तहत सुलझा लिया है। तकनीकी साक्ष्य और सटीक टीम वर्क के जरिए पुलिस ने न केवल मृतक की पहचान की, बल्कि हत्या में शामिल चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या मृतक की पत्नी, सास और साढ़ू द्वारा मिलकर की गई थी। सभी आरोपियों ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया है। घटना 17 जुलाई 2025 को सामने आई, जब हिर्री माइंस क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव पाया गया था। शव की हालत देखकर प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो गया कि युवक की बेरहमी से हत्या की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल थाना चकरभाठा को हत्या का प्रकरण दर्ज करने का निर्देश दिया।

एसएसपी के नेतृत्व में बनी चकरभाठा थाना व एसीसीयू (सायबर सेल) बिलासपुर की संयुक्त टीम ने घटना स्थल के आसपास के 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी इनपुट एकत्र किए। इसके आधार पर मृतक की पहचान साहिल कुमार पाटले (24 वर्ष), निवासी ग्राम मोहनपुर थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा के रूप में हुई। मृतक वर्तमान में तिफरा थाना सिरगिट्टी क्षेत्र के कालिका नगर में रह रहा था। जांच में सामने आया कि साहिल ने वर्षा खुंटे नामक युवती से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद साहिल की शराब की लत और मारपीट से परेशान होकर वर्षा ने अपनी मां सरोजनी खुंटे, भाई राजाबाबू खुंटे और उसके दोस्त विकास आदिले के साथ मिलकर साहिल की हत्या की साजिश रच डाली। योजना के तहत 1 लाख रुपये की सुपारी तय की गई, जिसमें 8000 रुपये की एडवांस राशि भी दे दी गई थी।

घटना वाले दिन आरोपी राजाबाबू और विकास ने साहिल को पल्सर मोटरसाइकिल (CG11 BJ 1748) में बैठाकर हिर्री माइंस ले गए, जहां तीनों ने शराब पी। नशा अधिक होने पर दोनों आरोपियों ने पास पड़े पत्थर से साहिल के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए साहिल के चेहरे को कुचल दिया गया और लाश को घटनास्थल पर फेंक कर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त पत्थर, मोबाइल फोन (4 नग) और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या पूरी तरह षड्यंत्रपूर्वक की गई थी। चारों आरोपियों—सरोजनी खुंटे, वर्षा खुंटे, राजाबाबू खुंटे और विकास आदिले—को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

इस जघन्य अपराध के सफल खुलासे पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल, ग्रामीण एएसपी अनुज कुमार, डीएसपी चकरभाठा रशमीत कौर चावला, निरीक्षक उत्तम साहू, सउनि अजरउद्दीन, जीवन जायसवाल समेत पुलिस टीम के कई सदस्यों की एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रशंसा की और पुरस्कार की घोषणा की है। इस केस में साइबर सेल की तकनीकी दक्षता, टीम वर्क और तेजी से हुई कार्रवाई ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई है, जो पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह केस पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा और साजिश के खतरनाक रूप की मिसाल है, जो समाज में जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाता है।