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कैदियों का मानदेय बढ़ाने का मामला: राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया शपथपत्र, याचिका निराकृत

बिलासपुर। हाईकोर्ट में जेल के कैदियों का मानदेय बढ़ाने के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस दौरान राज्य शासन ने हाईकोर्ट में शपथपत्र पेश किया. जिसमें बताया गया कि कैदियों की कुशल और अकुशल दोनों श्रेणियों का मानदेय बढ़ाया जा रहा है. याचिका में की गई मांग पूरी होने के आधार पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिका निराकृत कर दी.

बता दें, कि प्रदेश की जेलों में बंदियों को समुचित पारिश्रमिक दिये जाने की मांग को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी. याचिका में बताया गया था, कि कैदियों को प्रतिदिन के हिसाब से 60 से 75 रुपये तक पारिश्रमिक दिया जाता है. वर्षों से बंदियों को यही पारिश्रमिक दिया जा रहा है, जो आज के समय में पर्याप्त नहीं कहा जा सकता है. इन्हें कलेक्टर दर की तरह ही मेहनताना दिया जाना चाहिए, जो बाद में इनके जीवन में काम आ सके. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. गुरुवार को शपथपत्र प्रस्तुत कर राज्य शासन की ओर से बताया गया कि प्रदेश की जेल में बंद कैदियों का मानदेय बढ़ाया जा रहा है. अकुशल कैदियों को 60 की जगह 80 और कुशल श्रेणी में 75 से बढ़ाकर 100 रुपए प्रतिदिन मानदेय किया जाएगा. कोर्ट ने राज्य शासन के जवाब से संतुष्ट होकर याचिका निराकृत कर दी.