Special Story

पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, लिंगानुपात सुधार पर जोर

पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट के सख्त पालन के निर्देश, लिंगानुपात सुधार पर जोर

Shiv Mar 13, 2026 2 min read

रायपुर। प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं…

पड़ोस नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल के सवाल, सरकार ने रखी रणनीति

पड़ोस नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल के सवाल, सरकार ने रखी रणनीति

Shiv Mar 13, 2026 3 min read

नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने…

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shiv Mar 13, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ

Shiv Mar 13, 2026 3 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश…

पट्टीकल्याणा में आरएसएस की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा शुरू, देशभर से 1400 प्रतिनिधि शामिल

पट्टीकल्याणा में आरएसएस की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा शुरू, देशभर से 1400 प्रतिनिधि शामिल

Shiv Mar 13, 2026 5 min read

पट्टीकल्याणा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की…

March 13, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

देश में लागू हुआ CAA, मोदी सरकार ने की अधिसूचना जारी, जानिए इससे किसको होगा फायदा

दिल्ली. लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान कर दिया है. मोदी सरकार नें भारत में CAA नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है. आज से ही देश में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए लागू हो जाएगा. दरअसल, CAA संसद से पारित हुए करीब पांच साल बीत चुके हैं. अब केंद्र सरकार आगामी लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सीएए को देश में लागू करने जा रही है.

क्या CAA संवैधानिक है

भारतीय संसद में CAA को वर्ष 2019 में 11 दिसंबर को पारित किया गया था, जिसमें 125 वोट इसके पक्ष में पड़े थे और 105 वोट इसके खिलाफ थे. राष्ट्रपति ने इस विधेयक को 12 दिसंबर को मंजूरी दे दी थी.

क्या है CAA

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 एक ऐसा कानून है, जिसके तहत दिसंबर 2014 से पहले तीन पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आने वाले 6 धार्मिक अल्पसंख्यकों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) को नागरिकता दी जाएगी. लंबे समय से भारत में शरण लेने वालों को इससे बड़ी राहत मिलेगी.

गृह मंत्रालय की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक 1 अप्रैल 2021 से 31 दिसंबर 2021 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के इन गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदायों के कुल 1,414 विदेशियों को भारतीय नागरिकता दी गई है. जिन 9 राज्यों में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी गई है, वे गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र हैं.