Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

उदंती अभ्यारण क्षेत्र में अवैध बस्ती पर चला बुलडोजर, 29 लोगों ने हजारों पेड़ काटकर वन भूमि पर किया था कब्जा

गरियाबंद। डेढ़ साल बाद फिर उदंती सीता नदी अभ्यारण्य के बफर जोन इलाके के अवैध बस्ती पर बुलडोजर चला है। इस बार इंदागांव रेंज के घुमरापदर गांव से लगे जंगल में बसे अवैध बस्ती पर कार्रवाई हुई है। उप निदेशक वरुण जैन के साथ 100 से ज्यादा वन और पुलिस अमला अतिक्रमण हटाने में जुटे रहे।

उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि अभ्यारण्य में बसी 6वीं अवैध बस्ती को उजाड़ा गया। 29 अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज किया गया है। ये लोग पिछले 10 सालों में हजारों पेड़ों की अवैध कटाई कर 60 हैक्टेयर वन भूमि पर कब्जा कर लिए थे। उन्हें छोड़ने कई बार नोटिस दिया गया था। ये लोग यहां मकान बनाकर रहते हुए वन भूमि पर मक्के और धान का फसल ले रहे थे। नोटिस अवधि खत्म होने के बाद बेदखली की कार्रवाई की गई है।

अब तक खाली करा चुके 700 हेक्टेयर वन भूमि

उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया, पिछले डेढ़ साल में 5 से ज्यादा अवैध बस्ती बेदखल कर 700 हेक्टेयर वन भूमि को खाली कराया जा चुका है। खाली कराए भूमि में पौधरोपण के अलावा जल एवं भूमि संरक्षण के लिए कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया गया है। बेदखली के बाद से अभ्यारण्य इलाके में होने वाले वन्य जीव के शिकार में कमी आई है। इसके अलावा वन्य प्राणियों के लिए अनुकूल वातावरण बनने से प्राणियों के कुनबे में बढ़ोतरी हुई है।